Hyderabad : शिवलाल ने उप्पल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में विवेक के शुरुआती योगदान को याद किया

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शिवलाल
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वर्ष 2000 में सरकार ने दी थी स्टेडियम के लिए भूमि : शिवलाल

हैदराबाद। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन शिवलाल यादव ने उप्पल में राजीव गांधी स्टेडियम के निर्माण में तेलंगाना के नवनियुक्त मंत्री और हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (Hyderabad Cricket Association) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जी विवेक के वित्तीय सहयोग को याद किया। शनिवार रात डॉ. विवेक के लिए आयोजित सम्मान समारोह में बोलते हुए शिवलाल ने कहा कि जब तत्कालीन राज्य सरकार ने वर्ष 2000 की शुरुआत में स्टेडियम (Stadium) के निर्माण के लिए भूमि आवंटित की थी, तब एचसीए के पास मात्र 60,000 रुपये का बैंक बैलेंस था।

पहाड़ियों और झाड़ियों से भरी एक बंजर भूमि थी आवंटित स्थल : शिवलाल

शिवलाल ने कहा, ‘इसलिए, जब मैंने और स्वर्गीय डॉ. एमवी श्रीधर ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और डॉ. विवेक के पिता जी. वेंकटस्वामी से संपर्क किया, तो वह पूरी परियोजना के बारे में निश्चित नहीं थे, खासकर जब उन्होंने आवंटित स्थल को देखा, जो पहाड़ियों और झाड़ियों से भरी एक बंजर भूमि थी।’ पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर ने कहा, ‘क्या आपको यकीन है कि आप इस जगह पर स्टेडियम का निर्माण पूरा कर लेंगे? यह वेंकटस्वामी का सवाल था। फिर, हमने उन्हें एचसीए के अपने स्टेडियम की आवश्यकता के बारे में बताया और जब वे आश्वस्त हो गए, तो विसाका इंडस्ट्रीज सबसे पहले आगे आई और लगभग 1 करोड़ रुपये का चेक दिया, जिसके साथ निर्माण शुरू हुआ।’

तो, उप्पल में अब जो कुछ भी है…

शिवलाल ने कहा, ‘तो, उप्पल में अब जो कुछ भी है, वह डॉ. विवेक, डॉ. जी विनोद, जो एचसीए के पूर्व अध्यक्ष भी थे, और वेंकटस्वामी सर की पहल की वजह से है।’ बधाई का जवाब देते हुए, डॉ. विवेक ने कहा कि एक उत्साही क्रिकेट प्रेमी होने के नाते, उन्होंने हमेशा हैदराबाद का अपना एक अलग क्रिकेट स्टेडियम होने का सपना देखा था। डॉ. विवेक ने कहा, ‘मुझे कहना होगा कि यह सभी का सामूहिक प्रयास है कि हमारे पास इतना शानदार स्टेडियम है। हां, शिवलाल, डॉ. श्रीधर और अन्य के नेतृत्व में एचसीए अधिकारियों ने शानदार संरचना सुनिश्चित करने में शानदार काम किया है।’

वंका प्रताप ने रखा धन्यवाद प्रस्ताव

उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्यवश, अब क्रिकेट केवल हैदराबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में खेलने वालों का पर्याय बन गया है। अब समय आ गया है कि क्रिकेट को जिलों के दूरदराज के इलाकों में ले जाया जाए, जहां प्रतिभाओं की भरमार है। हमें जिलों से क्रिकेटर तैयार करने में अपना दिल और आत्मा लगाने की जरूरत है।’ डॉ. विवेक ने कहा, ‘आइये हम सब इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए एकजुट होकर काम करें।’ पूर्व भारत-ए क्रिकेटर वंका प्रताप ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।

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