कोलकाता । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Saurabh Ganguly) के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के टेस्ट मुकाबलों का आयोजन नागपुर, गुवाहाटी, रांची, अहमदाबाद और चेन्नई (Ahemdabad and Chennai) में होना एक सकारात्मक कदम है।
देशभर में क्रिकेट के विस्तार पर जोर
गांगुली ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मैचों का आयोजन करना अच्छा निर्णय है। इससे नए शहरों में भी क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा और खेल का विस्तार होगा।
पारंपरिक केंद्रों की जगह नए शहरों को मौका
बीसीसीआई ने इस बार कोलकाता और मुंबई जैसे पारंपरिक केंद्रों की जगह अन्य शहरों को प्राथमिकता दी है। ये मुकाबले 21 जनवरी से 25 फरवरी के बीच नागपुर, चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद में खेले जाएंगे।
ईडन गार्डन्स से जुड़ी भावनाएं
गांगुली, जो बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) के अध्यक्ष भी हैं, ने कहा कि ईडन गार्डन्स पर टेस्ट मैच होना उनके लिए हमेशा खास होता है, लेकिन नए केंद्रों पर मैच होते देखना भी खुशी की बात है।
नए टेस्ट केंद्रों को मिल रहा बढ़ावा
गुवाहाटी नवंबर 2025 में टेस्ट केंद्र बना और एक साल के भीतर ही वहां दूसरा टेस्ट आयोजित किया जा रहा है। वहीं अहमदाबाद और चेन्नई जैसे मैदानों पर भी लगातार बड़े मुकाबले हो रहे हैं।
भविष्य के शेड्यूल में बदलाव
बीसीसीआई के कैलेंडर के अनुसार, कोलकाता और मुंबई में 2027 में वनडे मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। वहीं दिल्ली में इस साल दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय मैच खेला जाएगा।
अन्य खिलाड़ियों की अलग राय
वहीं पूर्व स्पिनर वेंकटपति राजू का मानना है कि पारंपरिक केंद्रों जैसे कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में ही टेस्ट मैचों का आयोजन होना चाहिए, क्योंकि उनका अपना अलग आकर्षण है।
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क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार का संकेत
गांगुली ने कहा कि देशभर में अब अच्छे स्टेडियम और सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में चेन्नई, गुवाहाटी और रांची जैसे शहरों में टेस्ट मैचों का आयोजन भारतीय क्रिकेट के विकास के लिए अहम कदम है।
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