कोलंबो । श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा (Kumar Sangakara) ने आईसीसी टी20 विश्व कप से टीम के निराशाजनक बाहर होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक टूर्नामेंट से बाहर होना नहीं, बल्कि श्रीलंकाई क्रिकेट के भविष्य के लिए एक चेतावनी संकेत है। संगकारा के मुताबिक अगर अभी व्यापक सुधार नहीं किए गए तो टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार पिछड़ती जाएगी।
‘यह सिर्फ हार नहीं, चेतावनी है’
संगकारा ने कहा कि इस तरह टूर्नामेंट (Turnament) से बाहर होना पूरे देश के लिए बेहद पीड़ादायक है। “प्रशंसक टूट चुके हैं, वे निराश भी हैं और गुस्से में भी। खिलाड़ी भी अंदर से आहत हैं। मैं खुद ऐसे ड्रेसिंग रूम (Dressing Room) का हिस्सा रहा हूं, जहां हार के बाद माहौल बेहद भारी हो जाता है। यह आसान नहीं होता,” उन्होंने कहा।उन्होंने आगे जोड़ा कि देश का प्रतिनिधित्व करना केवल सम्मान की बात नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी है। जब टीम अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती तो उसकी जवाबदेही तय होती है।
हर स्तर पर सुधार की जरूरत
संगकारा ने स्पष्ट कहा कि अब आधे-अधूरे उपायों से काम नहीं चलेगा। घरेलू ढांचे से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक व्यापक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “अगर हम एक जैसी गलतियां बार-बार दोहराते रहेंगे तो अलग नतीजों की उम्मीद करना बेकार है। हमें अपनी सोच, तैयारी, चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों के विकास मॉडल पर गंभीरता से काम करना होगा।”उनका मानना है कि केवल टीम संयोजन बदल देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर से संरचनात्मक बदलाव लाने होंगे।
आधुनिक क्रिकेट के अनुरूप ढलना होगा
संगकारा ने यह भी कहा कि आधुनिक क्रिकेट बेहद तेज और प्रतिस्पर्धी हो चुका है। टी20 प्रारूप में रणनीति, फिटनेस, डेटा विश्लेषण और मानसिक मजबूती की अहम भूमिका है। “दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। अगर हम उसी पुराने ढर्रे पर चलते रहे तो अंतरराष्ट्रीय मंच से बाहर हो जाएंगे। हमें तकनीक, कोचिंग और खिलाड़ियों की मानसिक तैयारी पर भी निवेश बढ़ाना होगा,” उन्होंने कहा।
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खिलाड़ियों के जज्बे पर भरोसा
हालांकि संगकारा ने मौजूदा खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता पर सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उसे सही दिशा और समर्थन की जरूरत है। उनके मुताबिक, “खिलाड़ियों में जज्बा है, लेकिन उन्हें स्पष्ट रणनीति और मजबूत प्रणाली की जरूरत है। जब ढांचा मजबूत होगा तो प्रदर्शन भी स्वतः बेहतर होगा।” संगकारा के बयान के बाद श्रीलंका क्रिकेट में सुधार को लेकर बहस तेज हो गई है। अब देखना होगा कि बोर्ड और टीम प्रबंधन इन सुझावों को किस तरह अमल में लाते हैं और भविष्य के लिए क्या नई रणनीति तैयार की जाती है।
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