हैदराबाद। तेलंगाना में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट (High Alert) जारी किया है। राज्य के राजस्व, आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल राहत उपाय सुनिश्चित किए जाएं। शनिवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले तीन दिनों में लू का प्रकोप और बढ़ने की चेतावनी दी है, इसलिए सभी जिला कलेक्टर पूरी तरह सतर्क रहें। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सात जिलों में अब तक 16 लोगों की लू लगने से मौत हो चुकी है। इनमें जयशंकर भूपालपल्ली जिले में 4, वारंगल अर्बन, करीमनगर और निजामाबाद (Nizamabad) में 3-3 तथा जोगुलाम्बा गदवाल, रंगारेड्डी और सूर्यापेट जिलों में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है।
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश
इस पर मंत्री ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देशों के अनुसार सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने तथा इसकी प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के आदेश दिए। मंत्री ने कहा कि एल-नीनो प्रभाव के कारण इस वर्ष गर्मी असामान्य स्तर तक पहुंच गई है और प्रशासन को किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मंडलों और गांवों में तापमान अधिक दर्ज हो रहा है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए तथा मीडिया, सोशल मीडिया और ग्राम स्तरीय घोषणाओं के माध्यम से लोगों को लगातार सतर्क किया जाए। उन्होंने बस स्टैंड, बाजार, मुख्य सड़कों, निर्माण स्थलों और श्रमिक क्षेत्रों में ठंडा पेयजल, मट्ठा और ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों की सुरक्षा भी जरूरी – मंत्री पोंगुलेटी
मंत्री ने विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों से सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर न निकलने की अपील की। साथ ही कृषि मजदूरों, निर्माण श्रमिकों और सड़क पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय करने को कहा। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को हीट वेव की स्थिति की व्यक्तिगत निगरानी करने तथा गांव स्तर तक कर्मचारियों को फील्ड में तैनात रखने के निर्देश दिए। साथ ही हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए आपात चिकित्सा सेवाएं तैयार रखने को कहा।
पशु-पक्षियों की सुरक्षा भी जरूरी
मंत्री ने कहा कि इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों की सुरक्षा भी जरूरी है। इसके लिए गांवों और शहरों में पानी के बर्तन और टंकियां रखकर पशु-पक्षियों के लिए पेयजल की व्यवस्था की जाए। मौसम विभाग के अनुसार 26 मई तक करीमनगर, पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापेट, महबूबनगर, हैदराबाद और रंगारेड्डी जिलों में भीषण गर्मी और लू जारी रहने की संभावना है। सरकार ने इन जिलों के प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
हीट वेव का मतलब क्या होता है?
अत्यधिक गर्म मौसम और लंबे समय तक सामान्य से अधिक तापमान रहने की स्थिति को हीट वेव कहा जाता है। इसे सामान्य भाषा में लू चलना भी कहा जाता है। इस दौरान तापमान इतना बढ़ जाता है कि लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। गर्म हवाएं, तेज धूप और शरीर में पानी की कमी इसकी प्रमुख समस्याएं मानी जाती हैं। गर्मियों में कई क्षेत्रों में मौसम विभाग हीट वेव की चेतावनी जारी करता है।
हीट वेव के लक्षण क्या हैं?
अधिक गर्मी के कारण शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक प्यास और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कई लोगों को तेज बुखार, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्या भी हो सकती है। शरीर में पानी की कमी होने पर स्थिति गंभीर बन सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर इसका प्रभाव अधिक देखा जाता है। ऐसी स्थिति में ठंडे स्थान पर रहना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी माना जाता है।
हीट वेव क्या है?
मौसम की वह स्थिति जिसमें तापमान लगातार बहुत अधिक बना रहता है, हीट वेव कहलाती है। यह सामान्य तापमान से काफी ज्यादा गर्मी की अवस्था होती है, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर असर डाल सकती है। गर्म और शुष्क हवाओं के कारण लोगों को लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। मौसम विभाग तापमान के आधार पर हीट वेव की घोषणा करता है। गर्मियों में उत्तर और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में यह स्थिति अधिक देखी जाती है।
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