हैदराबाद। तेलंगाना सरकार की “प्रजा पालना – प्रगति प्रालिका” पहल के तहत आयोजित सप्ताहभर चलने वाले युवा एवं खेल महोत्सव का शुक्रवार को हैदराबाद के गच्चीबौली स्टेडियम में भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में राज्यभर से बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और अभिभावकों (Parents) ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में तेलंगाना स्पोर्ट्स अथॉरिटी के अध्यक्ष शिवसेना रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ स्पोर्ट्स अथॉरिटी की प्रबंध निदेशक एवं युवा सेवा आयुक्त डॉ. ए. सोनीबाला देवी भी उपस्थित रहीं। सभा को संबोधित करते हुए शिवसेना रेड्डी ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य तेलंगाना (Telangana) के युवाओं में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अवसर, प्रोत्साहन और संस्थागत सहयोग प्रदान करना है।
युवा खेल महोत्सव का समापन, युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र
उन्होंने कहा कि तेलंगाना प्रतिभाओं की भूमि है और सरकार राज्य के हर कोने से उभरते युवाओं को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह युवा खेल महोत्सव मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 99 दिवसीय “प्रजा पालना – प्रगति प्रालिका” अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अधिकारियों, खेल विभाग और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों की सराहना की। समारोह के दौरान हैदराबाद और विभिन्न जिला मुख्यालयों में आयोजित जॉब मेलों के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। साथ ही 21 मई को आयोजित खेल दिवस प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पदक और ट्रॉफियां प्रदान की गईं।
प्रतिभागियों को प्रशंसा प्रमाण पत्र भी दिए गए
खेल, युवा सहभागिता, सांस्कृतिक और जागरूकता गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशंसा प्रमाण पत्र भी दिए गए। युवा रोजगार पहलों में सहयोग देने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। डॉ. सोनीबाला देवी ने बताया कि 1 से 12 मई तक जिला केंद्रों में जॉब मेले आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 40,000 युवाओं ने पंजीकरण कराया। 300 से अधिक निजी कंपनियों ने भाग लिया और करीब 11,200 युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया। उन्होंने कहा कि 18 से 23 मई तक आयोजित युवा खेल महोत्सव का प्रत्येक दिन खेल, युवा सशक्तिकरण, कौशल विकास, रोजगार अवसरों और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों को समर्पित था।

जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किए गए कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम खेल एवं युवा सेवा, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किए गए। इस पहल से युवाओं में खेल और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा उन्हें कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने में मदद मिली है। कार्यक्रम में स्पोर्ट्स अथॉरिटी के निदेशक बाशा, संयुक्त निदेशक युवा सेवा वेनुगोपाल, तेलंगाना ओलंपिक एसोसिएशन के सचिव मल्ला रेड्डी, डीईईटी निदेशक राजेश्वर रेड्डी, टास्क के सीईओ नितिन रेड्डी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। राज्यभर में इस महोत्सव को जबरदस्त प्रतिसाद मिला, जिससे युवाओं में खेल, फिटनेस, कौशल विकास और करियर उन्मुख सरकारी पहलों के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
हिंदू समुदाय की आबादी सबसे अधिक मानी जाती है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की लगभग 85 प्रतिशत आबादी हिंदू धर्म का पालन करती है। इसके अलावा मुस्लिम, ईसाई और अन्य धर्मों के लोग भी यहां निवास करते हैं। राज्य में सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता देखने को मिलती है। विभिन्न त्योहार और परंपराएं यहां के सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
चावल आधारित भोजन यहां सबसे अधिक लोकप्रिय माना जाता है। तेलंगाना में दाल, मसालेदार सब्जियां और मांसाहारी व्यंजन भी काफी पसंद किए जाते हैं। हैदराबादी बिरयानी, सरवा पिंडी और पच्ची पुलुसु जैसे पारंपरिक व्यंजन विशेष पहचान रखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्वार और बाजरे से बने खाद्य पदार्थों का भी उपयोग किया जाता है। त्योहारों के दौरान पारंपरिक तेलंगाना भोजन विशेष रूप से तैयार किया जाता है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री किस जाति से हैं?
ए. रेवंत रेड्डी रेड्डी समुदाय से संबंध रखते हैं। यह समुदाय तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के प्रमुख सामाजिक समूहों में गिना जाता है। उन्होंने लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है और कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। कांग्रेस पार्टी के नेता के रूप में उनकी राज्य राजनीति में महत्वपूर्ण पहचान मानी जाती है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से “त्रिलिंग देश” या “तेलंग देश” से जुड़ा माना जाता है। माना जाता है कि यह नाम क्षेत्र में स्थित तीन प्रमुख शिव मंदिरों से संबंधित है। समय के साथ इसका नाम तेलंगाना प्रचलित हुआ। यह राज्य अपनी संस्कृति, भाषा और ऐतिहासिक विरासत के लिए विशेष पहचान रखता है।
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