घर से भागे दो बच्चे सकुशल परिजनों को सौंपे गए
हैदराबाद। घर से लापता हुए दो नाबालिग बच्चों को जीडीमेटला पुलिस (Gadimettla Police) ने महज कुछ ही घंटों के भीतर सुरक्षित रूप से खोज निकालकर उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। जीडीमेटला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गड्डम मल्लेश (Gaddam Mallesh) ने बताया कि बीती रात करीब 12.30 बजे नरेश नामक व्यक्ति थाना पहुंचा और लिखित शिकायत दर्ज कराई कि उसके दो बच्चे घर से लापता हो गए हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
तकनीकी संसाधनों की मदद से तेज की बच्चों की तलाश
रात्रि गश्त पर तैनात एसएसआई नायडू और कांस्टेबल नरेश ने तकनीकी संसाधनों की मदद से बच्चों की तलाश तेज की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप दोनों बच्चों का पता लगाकर आज तड़के उन्हें सकुशल उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। पुलिस की इस तेज और संवेदनशील कार्रवाई पर बच्चों के परिवारजनों और कॉलोनीवासियों ने जीडीमेटला पुलिस की सराहना की और आभार व्यक्त किया।
सबसे प्रसिद्ध लापता बच्चा कौन है?
इतिहास में सबसे प्रसिद्ध लापता बच्चों में जॉन बेनेट रैम्ज़ी और मेडेलीन मैककैन का नाम लिया जाता है। मेडेलीन मैककैन वर्ष 2007 में पुर्तगाल से लापता हुई थी और यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा। भारत में भी समय-समय पर कुछ लापता बच्चों के मामले मीडिया में बहुत चर्चित हुए हैं, जिन्होंने समाज और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचा।
बच्चों के लापता होने पर क्या करें?
तुरंत बच्चे के लापता होने की सूचना नजदीकी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही बच्चे की फोटो, हुलिया और पहनावे की जानकारी पुलिस को दें। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और आसपास के इलाकों में सूचना दें। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर भी संपर्क करना बेहद जरूरी होता है, ताकि तलाश तेजी से शुरू हो सके।
लापता बच्चे को कैसे ढूंढे?
व्यवस्थित तरीके से सबसे पहले पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर एजेंसियों की मदद ली जानी चाहिए। सोशल मीडिया, स्थानीय समाचार माध्यम और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाकर सूचना फैलाना उपयोगी होता है। रेलवे पुलिस, बस अड्डों और बाल गृहों से संपर्क बनाए रखें। लगातार फॉलो-अप और सही जानकारी साझा करना लापता बच्चे को सुरक्षित खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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