हैदराबाद। पूर्व मंत्री जगदीश रेड्डी ने रविवार को राज्य सरकार द्वारा पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना को मंजूरी दिए जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य के सभी बिजली उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ डालने वाला और अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने यह टिप्पणी हैदराबाद स्थित तेलंगाना भवन (Telangana Bhavan) में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में की। जगदीश रेड्डी ने कहा कि रेवंत रेड्डी सरकार ने शनिवार को मंत्रिमंडल बैठक में इस योजना को मंजूरी दी है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने इस केंद्रीय योजना को राज्य में लागू करने से पहले ही रोक दिया था। उन्होंने दावा किया कि केसीआर ने केंद्र सरकार (Central government) के भारी दबाव के बावजूद इस योजना को स्वीकार नहीं किया था।
स्मार्ट मीटरों का विरोध
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में लोग स्मार्ट मीटरों का विरोध करते हुए उन्हें हटाने और जलाने तक की घटनाएँ कर रहे हैं, जबकि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार इन्हीं स्मार्ट मीटरों को लागू करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार फिलहाल इन्हें केवल ट्रांसफार्मर स्तर पर लगाने की बात कर रही है, लेकिन आगे चलकर इन्हें घरेलू कनेक्शनों पर भी लगाया जा सकता है। पूर्व मंत्री ने यह भी दावा किया कि यह योजना गरीबों के हित में नहीं है और इससे बिजली क्षेत्र के निजीकरण का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में इन मीटरों को पेयजल कनेक्शनों तक पर भी लगाया जा सकता है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल करते हुए कहा कि जब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना को वापस ले लिया था, तो तेलंगाना में इसे क्यों लागू किया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की मांग की और किसानों एवं उपभोक्ताओं से इस योजना के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन करने की अपील की।
2 किलोवाट बिजली कनेक्शन में क्या-क्या चला सकते हैं?
कनेक्शन में एक साथ कई घरेलू उपकरण आसानी से चल सकते हैं। इसमें पंखे (2-3), LED बल्ब (8-10), टेलीविजन, फ्रिज, मिक्सर, कूलर और मोबाइल चार्जर एक साथ चलाए जा सकते हैं। हालांकि AC (1.5 टन), वॉटर हीटर, इलेक्ट्रिक प्रेस और वॉशिंग मशीन अकेले ही 1000 से 2000 वाट खपत करते हैं, इसलिए इन्हें बाकी उपकरणों के साथ सावधानी से चलाएं।
बिजली का पिता कौन था?
आविष्कार किसी एक व्यक्ति ने नहीं किया, लेकिन माइकल फैराडे को “बिजली का पिता” माना जाता है क्योंकि उन्होंने 1831 में विद्युत चुंबकीय प्रेरण का सिद्धांत खोजा, जो आज सभी जेनरेटर और ट्रांसफार्मर का आधार है। बेंजामिन फ्रैंकलिन ने बिजली और आकाशीय तड़ित के बीच संबंध खोजा, जबकि थॉमस एडिसन ने बिजली को घरों तक पहुंचाने की व्यावहारिक व्यवस्था बनाई।
बिजली बिल माफी योजना कैसे देखें?
योजना की लिस्ट देखने के लिए सबसे पहले अपने राज्य की बिजली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं — उत्तर प्रदेश के लिए www.uppclonline.com पर जाकर अपना अकाउंट नंबर डालें। यूपी में 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है और 200 रुपये से अधिक बिल होने पर केवल 200 रुपये देने होंगे। इसके अलावा एकमुश्त समाधान योजना (OTS) के तहत पंजीकरण कराने पर बकाया बिल के ब्याज में 80% से 100% तक की छूट मिल रही है।
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