हैदराबाद। सिकंदराबाद के आर्मी कालेज आफ डेंटल साइंस में शनिवार को दीक्षांत समारोह (Convocation) आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्थान ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती भी मनाई। यह संस्थान आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी के अंतर्गत संचालित होता है और कालोजी नरायन राव यूनिर्वसिटी आफ हेल्थ साइंस , तेलंगाना से संबद्ध है। समारोह में 38 विद्यार्थियों को दंत शल्य चिकित्सा स्नातक तथा 18 विद्यार्थियों को दंत शल्य चिकित्सा परास्नातक की उपाधि प्रदान की गई। यह संस्थान मुख्य रूप से सेना के जवानों के बच्चों और युद्ध विधवाओं के परिवारों को शिक्षा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। कार्यक्रम में तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विकमार्का (Mallu Bhatti Vikmarka) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
वीर सैनिक जदुनाथ सिंह की स्मृति में दिया जाता है पुरस्कार
उन्होंने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए संस्थान की प्रगति की सराहना की। समारोह में मंत्री श्रीधर बाबू, क्रिस्टीना जेड चोंगथू, रमेश रेड्डी और राजेश रेड्डी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर दंत शल्य चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रम में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा दीक्षिता रेड्डी को शहीद नायक जदुनाथ सिंह परमवीर चक्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार परम वीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिक जदुनाथ सिंह की स्मृति में दिया जाता है। समारोह में तेलंगाना और आंध्र उप क्षेत्र के जनरल अधिकारी कमांडिंग अजय मिश्रा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के प्रबंधन और शिक्षकों ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
क्या आर्मी में डेंटिस्ट्री कर सकते हैं?
भारतीय सेना में डेंटिस्ट के रूप में सेवा करने का अवसर मिलता है। इसके लिए उम्मीदवार को पहले बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) की डिग्री प्राप्त करनी होती है। इसके बाद चयन प्रक्रिया के माध्यम से आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल सर्विसेज में शामिल हुआ जा सकता है। सेना में डेंटल अधिकारियों का कार्य सैनिकों और उनके परिवारों को दंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना होता है। इस क्षेत्र में सेवा के साथ सम्मानजनक करियर और कई सुविधाएं भी मिलती हैं।
आर्मी डॉक्टर का कोर्स कितने साल का होता है?
भारतीय सेना में डॉक्टर बनने के लिए आमतौर पर बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS) की पढ़ाई करनी होती है। यह कोर्स सामान्य रूप से लगभग 5.5 साल का होता है, जिसमें एक साल की इंटर्नशिप शामिल रहती है। इसके बाद चयन प्रक्रिया के माध्यम से भारतीय सेना की चिकित्सा सेवा में शामिल हुआ जा सकता है। डॉक्टर बनने के बाद सैन्य अस्पतालों में सैनिकों और उनके परिवारों का इलाज करने की जिम्मेदारी होती है।
आर्मी डेंटल कॉलेज अच्छा है?
कॉलेज ऑफ डेंटल साइंसेज, जो हैदराबाद में स्थित है, भारत के प्रसिद्ध डेंटल कॉलेजों में से एक माना जाता है। यह कॉलेज मुख्य रूप से सेना के कर्मचारियों के बच्चों के लिए स्थापित किया गया है। यहां आधुनिक प्रयोगशालाएं, अनुभवी शिक्षक और अच्छी क्लिनिकल ट्रेनिंग की सुविधा मिलती है। डेंटल शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशिक्षण के कारण इसे एक अच्छा और प्रतिष्ठित संस्थान माना जाता है, जहां से पढ़ाई करके छात्र अच्छे करियर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
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