हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के आयुक्त आर.वी. कर्णन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घर-घर कचरा संग्रहण प्रतिदिन बिना किसी चूक के अनिवार्य रूप से किया जाए। आयुक्त ने जोनल आयुक्त रवि किरण के साथ बुधवार को इंदिरा पार्क, गांधी नगर से सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन तक व्यापक स्वच्छता निरीक्षण किया। सुरभि पार्क, पी एंड टी कॉलोनी, गांधी नगर डिवीजन, कवाड़ीगुडा और सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में भी मैदानी निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने स्वच्छ ऑटो कर्मचारियों की उपस्थिति की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की और जमीनी स्तर पर स्वच्छता कार्यों की नियमितता और प्रभावशीलता (effectiveness) का परीक्षण किया।
स्वच्छ ऑटो कर्मचारियों की सख्ती से करें निगरानी
कर्णन ने उप आयुक्तों, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के डीईई और एई को निर्देश दिया कि वे स्वच्छ ऑटो कर्मचारियों की सख्ती से निगरानी करें ताकि प्रतिदिन घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक स्थलों, पार्कों, सड़कों, गलियों और प्रमुख चौराहों को हर समय स्वच्छ और स्वच्छतापूर्ण बनाए रखा जाना चाहिए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से ग्रेटर हैदराबाद को एक आदर्श स्वच्छ शहर में बदलने के लिए सतर्क और प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।
स्वच्छ का अर्थ क्या होगा?
इस शब्द का अर्थ साफ, निर्मल, पवित्र और गंदगी से रहित होता है। इसका उपयोग शारीरिक, मानसिक और पर्यावरणीय साफ-सफाई के संदर्भ में किया जाता है। जब किसी स्थान, वस्तु या व्यक्ति के व्यवहार में शुद्धता और साफ-सफाई हो, तो उसे स्वच्छ कहा जाता है। सामाजिक जीवन में भी यह शब्द ईमानदारी और पारदर्शिता के अर्थ में प्रयोग होता है।
2025 में फ्री शौचालय योजना क्या है?
केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। 2025 तक भी इस योजना का लक्ष्य खुले में शौच से मुक्ति बनाए रखना और नए पात्र परिवारों को लाभ देना है। पात्र लाभार्थियों को निर्धारित राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे वे घर में शौचालय बनवा सकें।
स्वच्छता क्या है?
स्वास्थ्य और साफ-सफाई से जुड़ी वह स्थिति जिसमें व्यक्ति, घर, समाज और पर्यावरण गंदगी, कचरे और रोगाणुओं से मुक्त हों, स्वच्छता कहलाती है। इसमें नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन, शुद्ध पानी का उपयोग और व्यक्तिगत स्वच्छ आदतें शामिल होती हैं। अच्छी स्वच्छता से बीमारियाँ कम होती हैं और जीवन स्तर बेहतर होता है। यह स्वस्थ समाज की आधारशिला मानी जाती है।
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