शहरी विकास मंच ने रिवरफ्रंट योजना पर उठाए सवाल
हैदराबाद। शहरी विकास मंच (UDF) ने मूसी नदी के पुनर्जीवन प्रस्ताव में पारदर्शिता और जनता-केंद्रित योजना की मांग करते हुए सरकार को चेतावनी दी है कि विकास के नाम पर बेघर करने की कोशिश न की जाए। मंच ने कहा कि मूसी का असली पुनर्जीवन नदी की सफाई, पर्यावरण संरक्षण और लोगों के अधिकारों की सुरक्षा में है। मंच ने आरोप लगाया कि नदी की वास्तविक सफाई की बजाय व्यवसायिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रस्तावित बफर ज़ोन के तहत नदी से 50 मीटर के भीतर घरों को हटाने की योजना पर सवाल उठाया गया, और पूछा गया कि जिन इमारतों को पहले सरकार की अनुमति मिली थी, उन्हें अब कैसे अवैध (illegal) कहा जा सकता है।
विधानसभा में चर्चा से पहले हटाए गए मकानों पर जताई चिंता
यूडीएफ ने डीपीआर विधानसभा में चर्चा से पहले हटाए गए मकानों पर चिंता जताई और अधिकतम बाढ़ स्तर (एमएफएल) डेटा व पूरी डीपीआर सार्वजनिक करने की मांग की। मंच ने गुजरात के ‘साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा मॉडल गरीबों के बड़े पैमाने पर विस्थापन का कारण बन सकता है। मंच ने जोर देकर कहा कि सच्चा पुनर्जीवन गंदा पानी रोकने और पर्यावरण व निवासियों के अधिकारों की रक्षा में है। उन्होंने मूसी में सीवेज के प्रवाह को रोकने और विकास कार्यों से पहले व्यापक सार्वजनिक परामर्श सुनिश्चित करने की मांग की।
मूसी नदी के किनारे कौन सा शहर बसा है?
Hyderabad मूसी नदी के किनारे बसा प्रमुख शहर है। यह नदी शहर के बीच से होकर गुजरती है और ऐतिहासिक रूप से हैदराबाद के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। पुराने शहर के कई ऐतिहासिक स्थल इसी नदी के आसपास स्थित हैं।
मुसी नदी किसकी सहायक नदी है?
Musi River, Krishna River की एक सहायक नदी है। यह तेलंगाना में बहती हुई आगे चलकर कृष्णा नदी में मिल जाती है।
हैदराबाद को कौन सी नदी पानी की आपूर्ति करती है?
Hyderabad को मुख्य रूप से Krishna River और Godavari River परियोजनाओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा उस्मान सागर और हिमायत सागर जैसे जलाशय भी शहर को पानी उपलब्ध कराते हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :