हैदराबाद । मुख्यमंत्री (Chief Minister) ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि मूसी नदी के पुनर्जीवन का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुँचाना नहीं बल्कि हैदराबाद शहर की ऐतिहासिक विरासत (Historical Heritage), पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर और कुछ अधूरी जानकारी के आधार पर लोगों में भ्रम और चिंता फैला रहे हैं, जबकि सरकार केवल सच्चाई जनता के सामने रखना चाहती है।
इतनी समृद्ध विरासत वाले शहर को यूँ ही छोड़ देना उचित नहीं
”मूसी इन्वाइट्स” कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव सभ्यता का विकास नदियों के आसपास हुआ है और यदि दुनिया विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है तो हमें पीछे नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के बुद्धिजीवियों से चर्चा कर विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने 1908 की मूसी बाढ़ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय इंजीनियर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की सलाह पर निजाम शासन ने हिमायत सागर और उस्मान सागर जलाशयों का निर्माण कराया, जिन्होंने सौ वर्षों से शहर को बाढ़ से बचाने के साथ-साथ पीने के पानी की जरूरत भी पूरी की है। उन्होंने कहा कि इतनी समृद्ध विरासत वाले शहर को यूँ ही छोड़ देना उचित नहीं है। मूसी नदी और हैदराबाद शहर का इतिहास बहुत गौरवशाली है और इसे राजनीतिक लाभ के लिए नष्ट नहीं होने दिया जा सकता।
मूसी नदी आज प्रदूषण के कारण गंभीर स्थिति में
मुख्यमंत्री ने कहा कि मूसी नदी आज प्रदूषण के कारण गंभीर स्थिति में है और इसे पुनर्जीवित करना समय की आवश्यकता है। रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि मूसी पुनर्जीवन परियोजना किसी के घर छीनने के लिए नहीं है। सरकार प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए आवास, विद्यालय और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास मूसी नदी के तट पर रहने वाले लोगों का पूरा विवरण है और उनके लिए बेहतर सुविधाओं के साथ नए घर बनाने की योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के विकास को रोकना समाधान नहीं है।
मूसी नदी के पुनर्जीवन से अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी – सीएम
उन्होंने प्रश्न किया कि क्या गरीबों को बेहतर आधारभूत सुविधाएँ नहीं मिलनी चाहिए, क्या रोजगार के अवसर नहीं बनने चाहिए और क्या पर्यटन तथा रात्रिकालीन अर्थव्यवस्था का विकास नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मूसी नदी के पुनर्जीवन से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और हैदराबाद को वैश्विक स्तर पर और मजबूत पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों से अपील की कि वे इस परियोजना के बारे में सुझाव दें और सहयोग करें ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और स्वच्छ शहर का निर्माण किया जा सके।
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