कोच्चि/ हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए उन्हें तेलंगाना आकर ‘सिक्स गारंटी’ के सफल क्रियान्वयन को देखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें जमीनी स्तर पर लागू कर दिखाया है और राजनीतिक विरोधियों को यह खुद देखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनकी टीम तेलंगाना का दौरा करें, तो वे उन्हें योजनाओं के क्रियान्वयन का मॉडल स्वयं दिखाने को तैयार हैं। रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और पूर्व तेलंगाना मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर निशाना साधते हुए दोनों सरकारों को भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और निरंकुश शासन का प्रतीक बताया।
रेवंत रेड्डी ने विपक्ष को दी चुनौती, यूडीएफ का घोषणापत्र जारी
उन्होंने कहा कि जैसे तेलंगाना में 2023 के बाद व्यापक बदलाव आया, वैसे ही केरल में भी जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से मिलने वाला धन जनता का अधिकार है, कोई दान नहीं। सीएम ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि देश और’केरल में ‘मोदी ब्रदर्स” शासन कर रहे हैं। उन्होंने सबरीमला मंदिर से जुड़े विवादों का भी जिक्र करते हुए कानून और धर्मस्थलों की सुरक्षा पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि तेलंगाना सरकार ने सत्ता में आते ही पहली कैबिनेट बैठक से ही गारंटी योजनाओं को लागू करना शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना ”राइजिंग विजन 2047” के तहत 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हासिल करने की राह पर है।

10.8 प्रतिशत विकास दर बनाए रखेगा
उन्होंने भरोसा व्यक्त किया कि राज्य बिना किसी अतिरिक्त कर बढ़ोतरी के 10.8 प्रतिशत विकास दर बनाए रखेगा और इसे एक वैश्विक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करेगा। केरल विधानसभा चुनावों के लिए यूडीएफ के घोषणापत्र में ”इंदिरा 5 गारंटी’ का उल्लेख किया गया है, जिसमें महिलाओं के लिए केएसआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा, छात्राओं के लिए 1,000 मासिक सहायता, पेंशन राशि 3,000 प्रति माह, 25 लाख तक स्वास्थ्य बीमा और युवाओं को 5 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूडीएफ का लक्ष्य भ्रष्टाचार मिटाना, राज्य राजस्व की रक्षा करना और केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए कोष का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के संदेह पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेलंगाना राज्य स्वयं गारंटी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का उदाहरण है। कोच्चि में आयोजित कार्यक्रम में केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ, केरल सीएलपी नेता वी.डी. सतीशन, एआईसीसी महासचिव दीपदास मुंशी, यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश, आईयूएमएल राष्ट्रीय महासचिव पी.के. कुनहलीकुट्टी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
इस राज्य का कोई आधिकारिक दूसरा नाम नहीं है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से इसे “तेलंगाना क्षेत्र” के नाम से जाना जाता रहा है। यह क्षेत्र पहले आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 से पहले संयुक्त आंध्र प्रदेश का हिस्सा था। अलग राज्य बनने के बाद “तेलंगाना” नाम ही आधिकारिक और प्रचलित है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
यहां का भोजन मसालेदार और स्वादिष्ट होता है। हैदराबादी बिरयानी सबसे प्रसिद्ध व्यंजन है, जो हैदराबाद की पहचान मानी जाती है। इसके अलावा ज्वार की रोटी, सरवा पिंडी, पचड़ी (चटनी) और विभिन्न प्रकार के मांसाहारी व्यंजन भी यहां के लोकप्रिय भोजन में शामिल हैं।
तेलंगाना राज्य का गठन कब हुआ था?
यह राज्य 2 जून 2014 को बना था। तेलंगाना का गठन आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 के तहत हुआ, जब आंध्र प्रदेश को विभाजित कर अलग राज्य बनाया गया। इस दिन को हर साल तेलंगाना स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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