सीपी ने पदक विजेताओं की सराहना की
हैदराबाद। मल्काजगिरी के पुलिस कमिश्नर अविनाश मोहंती ने इन उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सभी पदक विजेताओं और खिलाड़ियों के समर्पण और अनुशासन की सराहना की। 4वें तेलंगाना पुलिस खेल एवं स्पोर्ट्स मीट–2026 का आयोजन साइबराबाद (Cyberabad) में 16 फरवरी से 21 फरवरी 2026 तक किया गया, जिसमें पूरे राज्य के पुलिस कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के पुलिसकर्मियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 81 पदक जीते और ओवरऑल मेडल तालिका में 2 रा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में जिम्नास्टिक्स, योग, वॉटर स्पोर्ट्स, ताइक्वांडो, वुशु, एथलेटिक्स, आर्म रेस्लिंग, पावर लिफ्टिंग, वेट लिफ्टिंग, बॉक्सिंग, पेनकाक सिलात, तीरंदाजी, कबड्डी, फुटबॉल, टग ऑफ वार और अन्य खेल शामिल थे। मुख्य उपलब्धियों (Main achievements) में कुल पदक तालिका में दूसरा स्थान, कुल पदक 81 (गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज), महिला वर्ग समग्र ऑल-राउंडर रनर्स-अप है।
खिलाड़ियों के समर्पण और अनुशासन की सराहना
प्रमुख व्यक्तिगत प्रदर्शन में एआरपीसी संजीव विभिन्न इवेंट्स में 8 पदक, एआरपीसी यामन– तीरंदाजी में 4 गोल्ड पदक, डब्लूपीसी नंदिनी– जिम्नास्टिक्स में 5 पदक मिलें है। मल्काजगिरी के पुलिस कमिश्नर अविनाश मोहंती ने इन उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सभी पदक विजेताओं और खिलाड़ियों के समर्पण और अनुशासन की सराहना की। कमिश्नर ने विजेताओं को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया और उन्हें नकद पुरस्कार भी प्रदान किया। कमिश्नर ने कहा कि खिलाड़ियों, कोचों और सहायक कर्मचारियों के प्रयासों से कमिश्नरेट का गौरव बढ़ता है और यह अन्य कर्मचारियों को खेल और शारीरिक फिटनेस में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करता है।
साइबराबाद किस क्षेत्र को कहा जाता है?
यह नाम हैदराबाद के पश्चिमी और आईटी-केंद्रित इलाकों के लिए प्रचलित है। इसमें Hyderabad के हाईटेक सिटी, गाचीबौली, माधापुर, कोंडापुर और आसपास के क्षेत्र शामिल माने जाते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों और कॉरपोरेट दफ्तरों की अधिकता के कारण इस हिस्से को “साइबराबाद” कहा जाने लगा। प्रशासनिक रूप से यह क्षेत्र अलग पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आता है।
साइबराबाद का नया सीपी कौन है?
इस पुलिस आयुक्तालय के प्रमुख को कमिश्नर ऑफ पुलिस (CP) कहा जाता है। वर्तमान नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है और समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं। सटीक और ताज़ा नाम जानने के लिए तेलंगाना पुलिस की आधिकारिक घोषणा देखना आवश्यक होता है, क्योंकि यह पद प्रशासनिक आदेश के अनुसार बदल सकता है।
साइबराबाद का इतिहास क्या है?
1990 के दशक के अंत और 2000 के शुरुआती वर्षों में आईटी उद्योग के तेज़ विकास के साथ इस क्षेत्र की पहचान बनी। हाईटेक सिटी परियोजना के बाद अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ यहाँ स्थापित हुईं। बढ़ती आबादी और आईटी गतिविधियों को देखते हुए 2004 में अलग पुलिस आयुक्तालय का गठन किया गया। इसके बाद यह इलाका देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित हुआ।
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