हैदराबाद। पूर्व मंत्री एस. निरंजन रेड्डी ने कांग्रेस सरकार (Congress Govt.) पर पालमुरु क्षेत्र की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे। बीआरएस नेता ने कहा कि मानसून से पहले पालमुरु परियोजनाओं (Projects) से जुड़े जलाशयों को भरना सुनिश्चित किया जाए। तेलंगाना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में एस. निरंजन रेड्डी ने बताया कि पार्टी मई के पहले सप्ताह तक अपनी कार्ययोजना तैयार कर लेगी और सरकार पर दबाव बनाने के लिए पदयात्रा सहित विभिन्न आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि देरी के लिए जिम्मेदार लोगों को सार्वजनिक रूप से उजागर किया जाएगा।
लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग
उन्होंने पालमुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना और कलवाकुर्थी लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। साथ ही प्रस्तावित गोल्लापल्ली जलाशय को वापस लेने की भी अपील की, यह कहते हुए कि सरकार ने जन विरोध की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि कभी समृद्ध रहा पालमुरु क्षेत्र आंध्र प्रदेश के गठन के बाद सूखा, पलायन और गरीबी का शिकार हो गया। वर्ष 2014 के बाद बीआरएस सरकार ने इसमें सुधार की दिशा में कार्य शुरू किया था, लेकिन वर्तमान सरकार की निष्क्रियता से किसान फिर संकट में हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकारों पर आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करने और अंतरराज्यीय विवादों को सुलझाने में विफल रहने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं का केवल 10 प्रतिशत कार्य शेष है, जिसे गंभीरता से कुछ महीनों में पूरा किया जा सकता है।
पलामुरु का अर्थ क्या है?
तेलंगाना के महबूबनगर क्षेत्र का प्राचीन नाम पलामुरु है। ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र को इसी नाम से जाना जाता था। समय के साथ इसका नाम बदलकर महबूबनगर हो गया, लेकिन आज भी स्थानीय लोग इस इलाके को पलामुरु के नाम से पहचानते हैं। यह नाम क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को दर्शाता है।
तेलंगाना में पलामुरु विश्वविद्यालय कहां है?
पलामुरु विश्वविद्यालय तेलंगाना राज्य के महबूबनगर शहर में स्थित है। यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के लिए जाना जाता है और यहां विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। यह क्षेत्र के छात्रों के लिए शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
पलामुरु यूनिवर्सिटी का रैंक क्या है?
विश्वविद्यालय की कोई स्थायी राष्ट्रीय रैंक हर वर्ष निश्चित नहीं होती, क्योंकि रैंकिंग अलग-अलग संस्थाओं द्वारा अलग मानकों पर दी जाती है। पलामुरु विश्वविद्यालय मुख्य रूप से क्षेत्रीय स्तर पर जाना जाता है और स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राष्ट्रीय स्तर की टॉप यूनिवर्सिटी रैंकिंग में यह सामान्यतः शामिल नहीं होता, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में इसका योगदान महत्वपूर्ण है।
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