गांधी भवन में पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को मिठाइयां बांटीं
हैदराबाद। तेलंगाना नगर निकाय (Telangana Municipal Bodies) चुनावों में कांग्रेस पार्टी की शानदार जीत की ओर बढ़ने पर गांधी भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। परिणाम घोषित होते ही कार्यकर्ता गांधी भवन पहुंचे और झंडे लहराते हुए तथा नारे लगाते हुए अपनी खुशी साझा की। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केक काटकर जीत का जश्न मनाया। उन्होंने पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को मिठाइयां बांटीं। जमकर अपने नेताओं के लिए नारेबाजी की। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) और टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ के नेतृत्व की सराहना की।
राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन के कारण तेलंगाना में कांग्रेस हुई मजबूत
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन के कारण तेलंगाना में कांग्रेस मजबूत हुई है। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के प्रति अपना विश्वास व्यक्त करते हुए नारे लगाए। नेताओं ने टिप्पणी की कि तेलंगाना ने विकास और कल्याण के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल की हैं और राज्य में पारदर्शी शासन,जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और अवसंरचना विकास पर जनता ने विश्वास जताते हुए कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया है। इन समारोहों ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया है। नेताओं ने विश्वास जताया कि तेलंगाना की जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस राज्य में अपनी गति बनाए रखेगी।

हैदराबाद में मुस्लिम आबादी कितनी है?
शहर की कुल जनसंख्या में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 43 से 44 प्रतिशत के आसपास मानी जाती है। यह अनुपात विशेष रूप से पुराने शहर के क्षेत्रों में अधिक दिखाई देता है। ऐतिहासिक रूप से निज़ाम शासन और दक्खिनी संस्कृति के कारण इस समुदाय का सामाजिक व सांस्कृतिक प्रभाव काफी मजबूत रहा है। अन्य धर्मों में हिंदू बहुसंख्यक हैं, जबकि ईसाई, जैन और सिख समुदाय भी यहाँ निवास करते हैं।
हैदराबाद का पुराना नाम क्या था?
इतिहास के अनुसार, इस नगर को प्रारंभ में भाग्यनगर कहा जाता था। बाद में कुतुब शाही शासकों के काल में इसका नाम बदलकर वर्तमान नाम रखा गया। 1591 में मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने इसकी स्थापना की थी। समय के साथ यह दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र बन गया तथा निज़ाम शासन में इसकी पहचान और मजबूत हुई।
हैदराबाद की फेमस क्या है?
चारमीनार, गोलकोंडा किला और हुसैन सागर झील जैसे ऐतिहासिक स्थल यहाँ की पहचान हैं। सालारजंग संग्रहालय और रामोजी फिल्म सिटी भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। खानपान में बिरयानी, हलीम और इरानी चाय विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। मोतियों के आभूषण और पारंपरिक बाजार, खासकर लाड़ बाजार, खरीदारी के लिए जाने जाते हैं। सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक आईटी उद्योग भी इसकी खास पहचान बन चुके हैं।
हैदराबाद में कौन सी भाषा बोली जाती है?
यहाँ की दैनिक बातचीत में तेलुगु और उर्दू प्रमुख रूप से सुनाई देती हैं। सरकारी कार्यों और शिक्षा में हिंदी तथा अंग्रेजी का भी व्यापक उपयोग होता है। स्थानीय स्तर पर दक्खिनी या हैदराबादी उर्दू एक विशिष्ट शैली में बोली जाती है, जो शहर की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। बहुभाषी वातावरण के कारण अलग-अलग समुदाय आपसी संवाद में आसानी महसूस करते हैं।
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