हैदराबाद। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू (Bhatti Vikramarka Mallu) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्राणहिता-चेवेल्ला परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश की पोलवरम परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा दिए जाने के बावजूद तेलंगाना की किसी भी परियोजना को यह दर्जा न देना राज्य के साथ भेदभाव को दर्शाता है। करीमनगर दौरे के अवसर पर सिरीसिल्ला जिले के गंबीरावुपेट गांव (Gambiraopet Village) में बायोस्ट्राटम टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान में स्थापित किए जाने वाले कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट के निर्माण कार्य का भूमि पूजन करते हुए उपमुख्यमंत्री ने यह बात कही। इस कार्यक्रम में मंत्री दुद्दिल्ला श्रीधर बाबू, तुम्मला नागेश्वर राव और पोनम प्रभाकर भी उपस्थित रहे।
भट्टी विक्रमार्क ने प्रधानमंत्री मोदी से की अपील
इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि राज्य विभाजन कानून के तहत तेलंगाना की एक प्रमुख सिंचाई परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा देने का वादा केंद्र सरकार ने किया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य द्वारा खरीदे गए धान को लेने में टालमटोल कर रही है और निधियों के जारी करने में देरी कर किसानों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल खरीद रही है, लेकिन केंद्र द्वारा हर दाने की खरीद और समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र से सभी फसलों पर एमएसपी लागू करने और खरीदे गए धान का पूरा उठाव करने की मांग की।
फसल अवशेषों को जलाने के बजाय बायो गैस संयंत्रों को उपलब्ध कराया जाए
उपमुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में नवाचारों पर जोर देते हुए कहा कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय बायो गैस संयंत्रों को उपलब्ध कराया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों को अतिरिक्त आय भी मिल सके। उन्होंने बताया कि इस दिशा में सरकार बायो गैस उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने किसानों से फसल चक्र अपनाने की अपील करते हुए कहा कि केवल धान पर निर्भर रहने के बजाय बागवानी, मोटे अनाज और ऑयल पाम जैसी लाभकारी फसलों की ओर रुख करना चाहिए। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और समाज को पौष्टिक आहार भी मिलेगा। भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर ही खेती को लाभकारी और उत्सव जैसा बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों से इस बदलाव में भागीदार बनने का आह्वान किया।
प्राणहिता परियोजना क्या है?
नदी पर आधारित एक प्रमुख सिंचाई परियोजना है, जिसका उद्देश्य खेती के लिए पानी उपलब्ध कराना और सूखे क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बढ़ाना है। यह परियोजना गोदावरी नदी की सहायक धारा पर आधारित है और इसे समय-समय पर संशोधित कर Kaleshwaram Lift Irrigation Project के रूप में विकसित किया गया। इसका लक्ष्य जल संसाधनों का बेहतर उपयोग और किसानों को लाभ पहुंचाना है।
प्राणहिता नदी परियोजना क्या है?
नदी से जुड़ी यह परियोजना जल उठाकर (लिफ्ट इरिगेशन) विभिन्न जिलों तक पहुंचाने के लिए बनाई गई थी। बाद में इसे विस्तारित रूप में Kaleshwaram Lift Irrigation Project में शामिल कर दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और जल प्रबंधन को मजबूत करना है।
चेवेल्ला किस लिए प्रसिद्ध है?
Chevella अपने कृषि क्षेत्र, खासकर सब्जियों और फलों की खेती के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र Hyderabad के पास होने के कारण तेजी से विकसित हो रहा है। यहां की हरियाली, फार्महाउस संस्कृति और शांत वातावरण भी इसे खास बनाते हैं, जिससे यह आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
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