GHMC : मेयर और डिप्टी मेयर का कार्यकाल पूरा

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हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) की मेयर (Mayor) गदवाल विजयलक्ष्मी और डिप्टी मेयर मोते श्रीलता शोभन रेड्डी का पांच वर्षों का कार्यकाल आज पूरा हो गया। इस मौके पर मेयर गदवाल विजयलक्ष्मी ने मेयर के रूप में सेवा का अवसर देने के लिए नगरवासियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से शहर के विकास के लिए उन्होंने सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया। मेयर ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, मंत्री पोनम प्रभाकर और श्रीधर बाबू को शहर के विकास में सहयोग देने के लिए विशेष धन्यवाद कहा। उन्होंने अपने कार्यकाल में सहयोग देने वाले डिप्टी मेयर मोते श्रीलता शोभन रेड्डी, कमिश्नर आर. वी. करनन, पूर्व कमिश्नरों, निगम पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आभार व्यक्त किया।

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कार्यकाल को सफल बनाने में सहयोग देने वाले जताया आभार

उप महापौर के रूप में पांच वर्षों तक लगातार सेवाएँ देने वाली मोते श्रीलता शोभन रेड्डी का कार्यकाल आज आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। इस अवसर पर जीएचएमसी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने कार्यकाल को सफल बनाने में सहयोग देने वाले महापौर गदवाल विजयरत्न लक्ष्मी, जनप्रतिनिधियों, जीएचएमसी कमिश्नरों, वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों, ड्राइवरों, कार्यालय स्टाफ, स्वयंसेवी संगठनों, मीडिया और शहरवासियों का हृदय से धन्यवाद किया। उप महापौर के रूप में उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों को उन्होंने सर्वोच्च जनसेवा मानकर निभाया।

जैव विविधता संरक्षण की, की गई पहल

उन्होंने शहर में बुनियादी सुविधाओं के विकास, सड़क विस्तार, फुटपाथ निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम सुदृढ़ीकरण, गंदे पानी के शुद्धिकरण केंद्रों का विकास, पेयजल आपूर्ति सुधार, कचरा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई विकास कार्यों का नेतृत्व किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शहर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण, पार्कों का विकास, झीलों का पुनरुद्धार और जैव विविधता संरक्षण की पहल की गई। प्लास्टिक उपयोग कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाकर स्वच्छ हैदराबाद के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हैदराबाद में नगरसेवक का वेतन कितना है?

ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम में चुने गए नगरसेवक को नियमित वेतन नहीं बल्कि मानदेय दिया जाता है। यह मानदेय आम तौर पर लगभग 15,000 से 20,000 रुपये प्रति माह होता है। इसके अलावा बैठकों में शामिल होने पर भत्ता, यात्रा भत्ता और कुछ प्रशासनिक सुविधाएँ भी मिलती हैं। नगरसेवक का पद सेवा और जनप्रतिनिधित्व से जुड़ा होता है, इसलिए आय का मुख्य उद्देश्य जनता के कार्यों को आगे बढ़ाना माना जाता है।

हैदराबाद में किसका गवर्नमेंट है?

तेलंगाना राज्य की राजधानी है, इसलिए यहाँ तेलंगाना राज्य सरकार का शासन होता है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक, पुलिस और विकास से जुड़े सभी निर्णय लेती है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के कार्यालय भी शहर में मौजूद रहते हैं, लेकिन कानून-व्यवस्था और स्थानीय शासन का नियंत्रण राज्य सरकार के अधीन होता है। नगर प्रशासन का कार्य ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम संभालता है।

हैदराबाद दो क्यों होते हैं?

अक्सर लोग हैदराबाद को दो इसलिए मानते हैं क्योंकि इसे हैदराबाद और सिकंदराबाद की “ट्विन सिटी” कहा जाता है। ब्रिटिश काल में सिकंदराबाद एक अलग छावनी क्षेत्र था, जबकि हैदराबाद निज़ामों की राजधानी था। समय के साथ दोनों शहर आपस में मिल गए, लेकिन नाम और पहचान अलग बनी रही। इसी वजह से आज भी लोग बोलचाल में हैदराबाद को दो हिस्सों में समझते हैं।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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