हैदराबाद। अमेंडेड भारतनेट प्रोग्राम (एबीपी) के तहत तेलंगाना में डिजिटल कनेक्टिविटी (Digital Connectivity) टी-फाइबर परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने वीडियो कॉन्फ्रेंस (VC) में भाग लिया। बैठक में राज्य में टी-फाइबर परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने और लंबित निधियों के त्वरित जारी करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन विषयों को केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया। मुख्यमंत्री ने मंडल से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक रिंग नेटवर्क संपत्तियों को डिजिटल भारत निधि में स्थानांतरित करने के लिए स्पष्ट नीति तय करने का भी आग्रह किया।
केंद्रीय संचार मंत्री के साथ मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव रामकृष्ण राव, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव बी. अजीत रेड्डी, आईटी विभाग के संयुक्त सचिव डी. अनुदीप सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गांव और प्रत्येक घर तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। टी-फाइबर परियोजना के तहत हर ग्राम पंचायत को रिंग नेटवर्क आर्किटेक्चर से जोड़ा जाएगा, जिससे एक मार्ग में बाधा आने पर भी वैकल्पिक मार्ग से सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। प्रथम चरण में निजामाबाद, रंगारेड्डी और खम्मम जिलों के 3,089 गांवों में डिजिटल कनेक्टिविटी बहाल की जाएगी। अमेंडेड भारतनेट के तहत इन गांवों को आधुनिक फाइबर नेटवर्क से जोड़कर पूरे राज्य में समान डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

डिजिटल का मतलब क्या होता है?
तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संचालित होने वाली जानकारी या प्रक्रिया को डिजिटल कहा जाता है। मोबाइल, कंप्यूटर, इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाएं डिजिटल तकनीक के उदाहरण माने जाते हैं। इसमें डेटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप में संग्रहित और उपयोग किया जाता है। आज बैंकिंग, शिक्षा और संचार जैसे कई क्षेत्र डिजिटल माध्यम से जुड़े हुए हैं।
डिजिटल क्या है?
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और इंटरनेट के जरिए होने वाले कार्यों को डिजिटल प्रणाली कहा जाता है। इसमें जानकारी को संख्या या डेटा के रूप में प्रोसेस किया जाता है। ऑनलाइन भुगतान, सोशल मीडिया, ईमेल और वीडियो कॉल डिजिटल तकनीक के सामान्य उदाहरण हैं। आधुनिक जीवन में डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
घर बैठे डिजिटल मार्केटिंग कैसे करें?
ऑनलाइन माध्यम से उत्पाद या सेवाओं का प्रचार करना डिजिटल मार्केटिंग कहलाता है। घर बैठे यह काम करने के लिए सोशल मीडिया, वेबसाइट, ब्लॉग और वीडियो प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकता है। SEO, सोशल मीडिया मार्केटिंग, कंटेंट राइटिंग और ईमेल मार्केटिंग जैसी स्किल सीखना उपयोगी माना जाता है। फ्री और पेड ऑनलाइन कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण लिया जा सकता है। कई लोग फ्रीलांसिंग और ऑनलाइन बिजनेस के जरिए भी इस क्षेत्र में काम करते हैं।
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