हैदराबाद। महान नेताओं की जयंती के अवसर पर सचिवालय (Secretariat) में एससी-एसटी कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कल्याण विभाग के मंत्री अदलूरी लक्ष्मण कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और संबोधित किया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि जब तक उनमें शक्ति है, तब तक वे वंचित वर्गों के उत्थान और कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि महान नेताओं के विचारों के अनुसार आगे बढ़ना सभी की जिम्मेदारी है। मंत्री ने बताया कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) के विचारों के अनुसार केवल शिक्षा के माध्यम से ही सभी समस्याओं का समाधान संभव है और इसी दिशा में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी कार्य कर रहे हैं।
पुस्तकालय और छात्रावास के निर्माण के लिए बजट में निधि आवंटित
उन्होंने कहा कि लोअर टैंकबंड के पास अंबेडकर नॉलेज सेंटर तथा निंबोली अड्डा में पुस्तकालय और छात्रावास के निर्माण के लिए बजट में निधि आवंटित की गई है। उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे महान व्यक्तियों के दिखाए मार्ग पर चलें और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने वाले प्रतिनिधि हैं। मंत्री ने कहा कि अप्रैल माह भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी महीने बाबू जगजीवन राम, डॉ. बी.आर. अंबेडकर और ज्योतिबा फुले जैसे महान नेताओं का जन्म हुआ था।
वर्तमान सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत
उन्होंने कहा कि ये केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा, एक आंदोलन और समानता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। बीमा योजनाएं, स्वास्थ्य सुविधाएं, नौकरी की सुरक्षा और पेंशन नीतियां कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बना रही हैं। ये योजनाएं सरकार के कर्मचारियों पर विश्वास का प्रतीक हैं। मंत्री ने कहा कि अब कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे पारदर्शिता और दक्षता के साथ जनता को सेवाएं प्रदान करें, ताकि हर नागरिक का सरकार पर विश्वास बढ़े। उन्होंने कहा कि सेवा में निष्पक्षता, निष्ठा और जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए, जिससे प्रत्येक कार्य किसी परिवार के लिए भरोसा बन सके।
डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की रखी मांग
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारी संघ के नेताओं ने सचिवालय परिसर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी। इस पर मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री से चर्चा कर इस दिशा में प्रयास करेंगे।इस कार्यक्रम में एमएलसी अद्दांकी दयाकर, एससी-एसटी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रशांत, सलाहकार सैदा, सहकारी संघ अध्यक्ष रेड्डी राजेश्वर, अतिरिक्त सचिव सुनीता, सचिवालय कर्मचारी संघ अध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी, महासचिव प्रेम कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
सचिवालय का कार्य क्या होता है?
सरकारी प्रशासन का मुख्य केंद्र सचिवालय होता है, जहां नीतियां बनाई जाती हैं और शासन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। यहां विभिन्न विभागों के अधिकारी काम करते हैं, जो योजनाओं की योजना बनाना, क्रियान्वयन की निगरानी करना और प्रशासनिक कार्यों को संचालित करना सुनिश्चित करते हैं। सचिवालय राज्य सरकार के कामकाज को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
सचिवालय का सबसे बड़ा अधिकारी कौन होता है?
राज्य स्तर पर सचिवालय का सबसे वरिष्ठ अधिकारी मुख्य सचिव होता है। यह अधिकारी पूरे राज्य के प्रशासन का प्रमुख होता है और सभी विभागों के सचिवों का नेतृत्व करता है। मुख्य सचिव सरकार और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करता है तथा नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाता है।
सचिवालय की सैलरी कितनी होती है?
सचिवालय में सैलरी पद के अनुसार अलग-अलग होती है। निचले स्तर के कर्मचारियों (जैसे क्लर्क) की सैलरी लगभग 25,000 से 40,000 रुपये प्रति माह हो सकती है, जबकि अनुभवी अधिकारी (जैसे सचिव या आईएएस अधिकारी) की सैलरी 1 लाख रुपये से 2.5 लाख रुपये प्रति माह या उससे अधिक हो सकती है। वेतन में भत्ते और अन्य सुविधाएं भी शामिल होती हैं, जिससे कुल आय बढ़ जाती है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :