हैदराबाद। मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव (K. Ramakrishna Rao) ने सचिवालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें विभिन्न हितधारकों के साथ किए गए अलग-अलग समझौतों (एमओयू ) के महत्वपूर्ण पहलुओं की निगरानी के लिए विशेष रूप से विकसित डैशबोर्ड की स्थिति पर चर्चा की गई। संबंधित विभागों से नामित नोडल अधिकारी बैठक में शामिल हुए और उन्होंने कार्यान्वयन समय-सीमा, निवेश प्रतिबद्धताओं, भूमि आवश्यकताओं, प्रोत्साहनों और संगठनों द्वारा घोषित रोजगार (Declared employment) तथा उनकी अपेक्षित परिणामों पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
नियमित फॉलो-अप बनाए रखें
मुख्य सचिव ने विभागीय समन्वय, कार्यान्वयन में पारदर्शिता, और सहमति अनुसार समय-सीमा का पालन करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एमओयू के प्रभावी कार्यान्वयन और बाधाओं के शीघ्र समाधान के लिए स्पष्ट निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। मुख्य सचिव ने विभागों को यह भी निर्देश दिया कि वे साझेदार संगठनों के साथ नियमित फॉलो-अप बनाए रखें और डैशबोर्ड में अपडेट करते हुए समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि समझौते जनता के लिए ठोस लाभ, आर्थिक विकास में वृद्धि और सेवा दक्षता में सुधार में बदलने चाहिए। बैठक में एफसीडीए कमिश्नर शशांक, आईटीई एंड सी उपसचिव भवेश मिश्रा, टीजीटीडीसी एमडी वल्लुरु क्रांति, रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशक कान्थी वेस्ले और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
वर्तमान में भारत के मुख्य सचिव कौन हैं?
देश स्तर पर “मुख्य सचिव” जैसा कोई एक पद नहीं होता। यह पद राज्य सरकारों में होता है और हर राज्य का अलग मुख्य सचिव होता है। केंद्र सरकार में इसके समान सर्वोच्च प्रशासनिक पद Cabinet Secretary of India का होता है, जो भारत सरकार के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी माने जाते हैं और सभी केंद्रीय सचिवों के प्रमुख समन्वयक होते हैं।
मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव कौन हैं?
हर राज्य में मुख्यमंत्री के प्रशासनिक प्रमुख सलाहकार के रूप में मुख्य सचिव कार्य करता है। वही राज्य की नौकरशाही का सबसे वरिष्ठ अधिकारी होता है और विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है। इस पद पर नियुक्त अधिकारी का नाम राज्य के अनुसार अलग-अलग होता है, क्योंकि प्रत्येक राज्य की अपनी अलग प्रशासनिक व्यवस्था होती है।
भारत के मुख्य सचिव कौन हैं 2025 में?
वर्ष 2025 में भी देश स्तर पर “मुख्य सचिव” नाम का कोई एक पद नहीं है। राज्यों में अलग-अलग मुख्य सचिव नियुक्त रहते हैं। केंद्र सरकार में सर्वोच्च प्रशासनिक पद कैबिनेट सचिव का होता है, जो पूरे भारत की सिविल सेवा व्यवस्था का शीर्ष समन्वयक माना जाता है।
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