प्रतिमा का अनावरण, राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि
हैदराबाद। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला (Shiv Pratap Shukla) ने पद्म भूषण डॉ. मोटुरी सत्यनारायण को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रीय एकता के प्रबल समर्थक के रूप में याद किया।राज्यपाल ने केंद्रीय हिंदी संस्थान, बापूजी नगर, बोवेनपल्ली, सिकंदराबाद में डॉ. मोटुरी सत्यनारायण की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उनकी जीवनी तथा संस्थान की त्रैमासिक पत्रिका ‘समन्वय दक्षिणी’ का भी विमोचन किया गया। अपने संबोधन में श्री शुक्ल ने कहा कि तेलुगु भाषी होते हुए भी डॉ. सत्यनारायण (Dr. Satyanarayan) ने हिंदी को राष्ट्रीय एकता का माध्यम बनाया और इसके प्रचार-प्रसार के लिए उत्तर भारत तक गए। उन्होंने आगरा में केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. सत्यनारायण को कारावास भी झेलना पड़ा
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हिंदी के प्रचार और राष्ट्रीय चेतना जगाने के कारण डॉ. सत्यनारायण को कारावास भी झेलना पड़ा, लेकिन उनका संकल्प अडिग रहा। राज्यपाल ने कहा कि संविधान सभा में डॉ. सत्यनारायण ने भारतीय भाषाओं के विकास और हिंदी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने में अहम योगदान दिया। साथ ही उन्होंने केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल की स्थापना कर अपने विचारों को आगे बढ़ाया।
उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. सत्यनारायण ने कभी हिंदी को थोपने का प्रयास नहीं किया, बल्कि इसे संवाद और समन्वय की भाषा के रूप में बढ़ावा दिया। उनका जीवन राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और भाषाई सौहार्द का प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
पत्नी कौन थी?
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान सत्यनारायण, भगवान विष्णु का ही एक रूप माने जाते हैं। इसलिए इनकी पत्नी देवी लक्ष्मी मानी जाती हैं, जिन्हें धन, समृद्धि और सुख-शांति की देवी कहा जाता है। सत्यनारायण की पूजा में भी लक्ष्मी जी का विशेष महत्व होता है और दोनों की एक साथ आराधना की जाती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
क्या बोतसा सत्यनारायण विधायक हैं?
बोत्सा सत्यनारायण आंध्र प्रदेश के एक प्रमुख राजनेता हैं। वे विधायक (MLA) रह चुके हैं और राज्य सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। समय-समय पर उनकी राजनीतिक स्थिति बदलती रहती है, इसलिए वर्तमान स्थिति जानने के लिए ताजा जानकारी देखना जरूरी होता है, लेकिन वे सक्रिय राजनीति में एक महत्वपूर्ण नेता माने जाते हैं।
मोटूरी पुरस्कार किसको मिला है?
मोटूरी पुरस्कार हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए दिया जाने वाला सम्मान है। यह पुरस्कार हर साल अलग-अलग विद्वानों, लेखकों या संस्थाओं को दिया जाता है, जिन्होंने हिंदी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। इसलिए इसका कोई एक स्थायी प्राप्तकर्ता नहीं होता, बल्कि यह समय-समय पर बदलता रहता है।
संकल्प का मंत्र क्या है?
पूजा में संकल्प लेते समय सामान्य मंत्र बोला जाता है—
“ममोपात्त समस्त दुरितक्षयद्वारा श्री सत्यनारायण प्रीत्यर्थं व्रतं करिष्ये।”
इस मंत्र का अर्थ है कि अपने सभी पापों के नाश और भगवान सत्यनारायण की कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत और पूजा करने का संकल्प लिया जा रहा है। यह पूजा श्रद्धा और विश्वास के साथ की जाती है, जिससे मनोकामनाएँ पूर्ण होने की मान्यता है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :