वैश्विक निवेश आकर्षित करने की तैयारी
हैदराबाद। तेलंगाना सरकार राज्य को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0’ लागू करने जा रही है। आईटी एवं उद्योग मंत्री दुद्दिल्ला श्रीधर बाबू (Duddilla Sridhar Babu) ने यह घोषणा मंगलवार को की। मंत्री ने एफटीसीसीआई द्वारा जुबली हिल्स स्थित जेआरसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘ग्रोथ एक्स 2026’ सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद कहा कि प्रस्तावित नीति हितधारकों से व्यापक परामर्श के बाद तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास को गति देना, निवेशकों का विश्वास मजबूत करना और उन्हें अधिक भरोसा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि विकास आकस्मिक नहीं, बल्कि सुनियोजित होना चाहिए। इसी दृष्टि से सरकार ने दीर्घकालिक आर्थिक विस्तार के लिए ‘तेलंगाना विजन 2047’ (Telangana Vision 2047) तैयार किया है।

3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य
वर्तमान में 200 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला तेलंगाना वर्ष 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंडस्ट्री 5.0 जैसी नई तकनीकें कार्य संस्कृति और व्यापार मॉडल को बदल रही हैं। भविष्य में प्रतिस्पर्धा मजबूत इकोसिस्टम पर निर्भर करेगी, न कि केवल व्यक्तिगत कंपनियों पर। सरकार नियामक संस्था के बजाय उद्योग की साझेदार बनकर काम करना चाहती है। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव, डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी, एफटीसीसीआई अध्यक्ष आर. रवि कुमार, स्काईरूट एयरोस्पेस के प्रतिनिधि तथा ग्रोथ एक्स 2026 के संयोजक पंकज दीवान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस क्या है?
यह एक अवधारणा है, जिसके माध्यम से किसी देश या राज्य में व्यापार शुरू करने और चलाने की सरलता को मापा जाता है। इसमें लाइसेंस, कर व्यवस्था, कंपनी पंजीकरण, बिजली कनेक्शन, ऋण सुविधा और अनुबंध लागू करने जैसी प्रक्रियाओं को आसान बनाना शामिल होता है। पहले World Bank इस पर वैश्विक रैंकिंग जारी करता था। उद्देश्य निवेश आकर्षित करना और रोजगार बढ़ाना है।
सबसे ज्यादा कौन से धंधे में कमाई है?
कमाई कई बातों पर निर्भर करती है—पूंजी, कौशल, बाजार और स्थान। वर्तमान समय में आईटी सेवाएं, ई-कॉमर्स, रियल एस्टेट, फार्मास्यूटिकल्स और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्र अधिक लाभदायक माने जाते हैं। स्टार्टअप और ऑनलाइन बिजनेस कम निवेश में भी अच्छा मुनाफा दे सकते हैं। हालांकि हर व्यवसाय में जोखिम होता है, इसलिए बाजार की समझ और योजना जरूरी है।
24 भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कौन सी योजना शुरू की गई थी?
व्यापार को सरल बनाने के लिए भारत सरकार ने Make in India, Startup India और “सिंगल विंडो सिस्टम” जैसी पहलें शुरू कीं। इनका उद्देश्य उद्योगों को लाइसेंस, स्वीकृति और कर प्रक्रियाओं में आसानी देना है। राज्यों को भी सुधार लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिले।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :