हैदराबाद। श्रम, रोजगार और खान मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी (G. Vivek Venkataswamy) ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल की खोज देश और राज्य दोनों की आर्थिक स्थिति पर महत्वपूर्ण और सकारात्मक प्रभाव डालेगी। उन्होंने कहा कि इन खनिजों का अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में अत्यधिक महत्व है, जिससे यह क्षेत्र भविष्य के विकास के लिए बेहद अहम बन जाता है। मंत्री ने बताया कि खदानों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने कई कदम उठाए हैं।
तेलंगाना में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में सभी खनिज संसाधनों को पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित करने का नीति निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में इस नीति से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और बड़ी संख्या में निजी कंपनियों ने नीलामी प्रक्रिया में भाग लिया है। मंत्री यह बातें खनन मंत्रालय द्वारा एचआईसीसी नोवोटेल में आयोजित रोड शो के दौरान कह रहे थे। ‘क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी’ और ‘एक्सप्लोरेशन लाइसेंस’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी (G. Kishan Reddy) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
हिंदुओं की आबादी लगभग 85–86 प्रतिशत के आसपास मानी जाती है, जो कुल जनसंख्या का बड़ा हिस्सा है। यह आंकड़ा भारत की जनगणना 2011 के आधार पर लिया जाता है। राज्य में मुस्लिम, ईसाई और अन्य धर्मों के लोग भी रहते हैं, लेकिन बहुसंख्यक आबादी हिंदू समुदाय की है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतिशत और अधिक देखने को मिलता है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
मुख्य भोजन चावल आधारित होता है, जिसमें दाल, सब्जी और मसालेदार करी शामिल रहती हैं। यहां की प्रसिद्ध डिशेस में हैदराबादी बिरयानी, ज्वार की रोटी, सांबर और पचड़ी प्रमुख हैं। मसालेदार और तीखा खाना इस क्षेत्र की खासियत है। ग्रामीण इलाकों में बाजरा और ज्वार का उपयोग अधिक होता है, जबकि शहरों में विविध प्रकार के व्यंजन लोकप्रिय हैं।
तेलंगाना और हैदराबाद में क्या अंतर है?
एक राज्य है, जबकि हैदराबाद उसकी राजधानी है। तेलंगाना में कई जिले और शहर शामिल हैं, जबकि हैदराबाद सिर्फ एक प्रमुख शहर है। राज्य का प्रशासन पूरे क्षेत्र पर लागू होता है, जबकि हैदराबाद नगर प्रशासन के अंतर्गत आता है। हैदराबाद आर्थिक, आईटी और सांस्कृतिक केंद्र है, जबकि तेलंगाना एक व्यापक भौगोलिक और प्रशासनिक इकाई है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से त्रिलिंग देश के नाम से भी जाना जाता है। यह नाम तीन प्रमुख शिव मंदिरों—कालेश्वरम, श्रीशैलम और द्राक्षारामम—से जुड़ा माना जाता है। समय के साथ यह नाम बदलकर तेलंगाना हो गया। यह क्षेत्र अपनी समृद्ध संस्कृति, भाषा और इतिहास के लिए प्रसिद्ध है और दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :