हैदराबाद। कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव (Tummala Nageswara Rao) ने घोषणा की कि राज्य सरकार प्रत्येक पूर्ववर्ती जिले में एक कृषि महाविद्यालय की स्थापना करेगी। कृषि शिक्षा को सुदृढ़ करने की राज्य सरकार की पहल के तहत मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी फरवरी माह में निजामाबाद (Nizamabad) जिले में एक नए कृषि महाविद्यालय का उद्घाटन करेंगे। यह अत्याधुनिक कृषि महाविद्यालय निजामाबाद जिले में तेलंगाना विश्वविद्यालय परिसर के अंतर्गत सर्वे नंबर 265/1, 277 एवं 334 में स्थित 120 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा, जो सुद्दापल्ली और दादापल्ली गांवों के समीप है। इस संस्थान में उन्नत तकनीकों, अनुसंधान, प्रशिक्षण और किसानों को सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी। मंत्री ने कहा कि इस महाविद्यालय के माध्यम से छात्रों को आधुनिक कृषि शिक्षा प्रदान की जाएगी और स्थानीय किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचेगा।
एग्रीकल्चर कॉलेज की फीस कितनी होती है?
आमतौर पर एग्रीकल्चर कॉलेज की फीस कॉलेज के प्रकार पर निर्भर करती है। सरकारी कृषि कॉलेजों में सालाना फीस लगभग 5,000 से 30,000 रुपये तक होती है, जबकि निजी कॉलेजों में यह 50,000 से 2 लाख रुपये प्रति वर्ष तक जा सकती है। हॉस्टल, लैब और अन्य सुविधाओं के कारण कुल खर्च थोड़ा बढ़ भी सकता है।
12वीं के बाद एग्रीकल्चर में कौन सा कोर्स बेस्ट है?
सामान्य रूप से 12वीं के बाद बीएससी एग्रीकल्चर को सबसे बेहतर कोर्स माना जाता है। यह चार साल का डिग्री कोर्स होता है, जिसमें फसल विज्ञान, मृदा विज्ञान, कृषि अर्थशास्त्र और आधुनिक खेती की पढ़ाई कराई जाती है। इस कोर्स के बाद सरकारी नौकरी, रिसर्च, एग्री बिजनेस और उच्च शिक्षा के अच्छे अवसर मिलते हैं।
कृषि विश्वविद्यालय किस जिले में है?
व्यवहारिक तौर पर कृषि विश्वविद्यालय हर राज्य में अलग-अलग जिलों में स्थित होते हैं। उदाहरण के लिए तेलंगाना में प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय हैदराबाद में है, जबकि उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर जिले में स्थित है। इसलिए कृषि विश्वविद्यालय का जिला राज्य के अनुसार बदलता रहता है।
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