हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) के कमिश्नर आर. वी. कर्णन ने ज़ोनल और डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वच्छता पर और अधिक ध्यान केंद्रित करें और महानगर हैदराबाद में सफाई सुधारने के लिए सक्रिय कदम उठाएं। वेबएक्स आधारित दृश्य समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, कमिश्नर (Commissioner) ने अतिरिक्त कमिश्नरों, ज़ोनल कमिश्नरों, वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ जीएचएमसी विशेष स्वच्छता अभियान और अन्य विकासात्मक कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।
व्यापक जन जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर दिया जोर
उन्होंने निर्देश दिया कि विशेष स्वच्छता कार्यक्रम को निर्धारित कार्य योजना के अनुसार और व्यापक रूप से लागू किया जाए। कमिश्नर ने स्वच्छता और सफाई के महत्व के बारे में व्यापक जन जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सक्रिय जन भागीदारी की अपील की ताकि मिलकर महानगर हैदराबाद को स्वच्छ और स्वास्थ्यपूर्ण शहर में बदला जा सके। उन्होंने कहा कि अब तक 1,458 मीट्रिक टन कचरा और 547 मीट्रिक टन निर्माण मलबा हटाया गया है।
300 वार्डों में 1,204 पहचाने गए क्षेत्रों और बिंदुओं पर किए गए विशेष स्वच्छता कार्य
विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत पहले दिन फुट ओवरब्रिज की सफाई के साथ हुई थी, और पिछले छह दिनों में इसे फलीओवर्स, सड़कों के किनारे, डिवाइडर, केंद्रीय मेडियन्स, केर्ब स्टोन, झीलों, नालों, फुटपाथ, पार्कों और निर्माण एवं विध्वंस कचरे को हटाकर पूरी तरह से लागू किया गया। जीएचएमसी की सीमा में आने वाले 300 वार्डों में 1,204 पहचाने गए क्षेत्रों और बिंदुओं पर विशेष स्वच्छता कार्य किए गए, जिसमें फुट ओवरब्रिज, फलीओवर्स, कचरा संवेदनशील स्थल और पार्क शामिल हैं।
स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान की थीम क्या है?
इस अभियान के दौरान अब तक अतिरिक्त 1,458 मीट्रिक टन ठोस कचरा और 547 मीट्रिक टन निर्माण एवं विध्वंस कचरा हटाया गया है। स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान की थीम स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने पर केंद्रित रखी गई है। इस अभियान में स्वच्छ व्यवहार, सामुदायिक भागीदारी और जिम्मेदार नागरिकता पर विशेष जोर दिया जाता है। सरकार द्वारा घोषित थीम “स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता” के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाता है कि सफाई केवल अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए।
स्वच्छता से आप क्या समझते हैं?
अर्थ शरीर, घर, समाज और आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखना होता है। इसका संबंध केवल बाहरी सफाई से नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक शुद्धता से भी जुड़ा होता है। स्वच्छता अपनाने से बीमारियों से बचाव होता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनती है। साफ पानी, स्वच्छ शौचालय, कचरे का सही निपटान और व्यक्तिगत सफाई इसके मुख्य पहलू हैं। स्वच्छता से न केवल स्वास्थ्य सुधरता है, बल्कि समाज में अनुशासन, जागरूकता और सकारात्मक सोच भी विकसित होती है।
स्वच्छता ही सेवा 2025 क्या है?
एक राष्ट्रीय स्तर का जन-अभियान है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक और सक्रिय बनाना है। इस अभियान के अंतर्गत सरकारी संस्थान, स्थानीय निकाय, स्कूल, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक मिलकर सफाई गतिविधियों में भाग लेते हैं। अभियान का मकसद कचरा मुक्त भारत, खुले में शौच से मुक्ति और स्वच्छ आदतों को बढ़ावा देना है। यह पहल नागरिकों को यह समझाने का प्रयास करती है कि स्वच्छता सरकार की ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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