हैदराबाद। मल्काजगिरी ट्रैफिक पुलिस और रचकोंडा सुरक्षा परिषद ने ‘एराइव एलाइव’ (Arrive Alive) रोड सेफ्टी पहल के तहत भारी मोटर वाहन (HMV) चालकों के लिए मुफ्त नेत्र स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। यह अभियान राज्य में सड़क सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। शिविरों का आयोजन चेर्लापल्ली इंडस्ट्रियल एरिया और ऑटो नगर में किया गया। चेर्लापल्ली में भारतीय ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड में दो शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में लगभग 366 भारी वाहन चालक शामिल हुए। कई ड्राइवरों को मोतियाबिंद और प्टेरिज़ियम जैसी बीमारियां पाई गई, जबकि कुछ को चश्मे और आगे की चिकित्सकीय जांच की सलाह दी गई।
असुरक्षित यू-टर्न पॉइंट जैसी समस्याओं की जानकारी दी अधिकारियों को
ड्राइवरों ने उच्च-तीव्रता वाले एलईडी हेडलाइट्स के कारण होने वाली दृश्यता समस्याओं और खतरनाक गड्ढों, असुरक्षित यू-टर्न पॉइंट जैसी समस्याओं की जानकारी अधिकारियों को दी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फोकस्ड एलईडी हेडलाइट्स अवैध हैं और चालक हमेशा आधे या स्ट्रिप कवर वाले हेडलाइट का उपयोग करें। गड्ढों और सड़क समस्याओं के लिए अतिरिक्त डीसीपी ने इंडस्ट्रियल एरिया प्रबंधन से तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शिविर में मल्काजगिरी डीसीपी रोड सेफ्टी मनोहर, अतिरिक्त डीसीपी ट्रैफिक श्रीनिवास राचकोंडा सुरक्षा परिषद प्रतिनिधि एम. सावित्री , कुशाइगुड़ा ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
ट्रैफिक पुलिस की सैलरी कितनी होती है?
वेतन पद और राज्य के अनुसार अलग-अलग होता है। कांस्टेबल स्तर पर शुरुआती बेसिक सैलरी लगभग ₹21,700 से ₹25,500 प्रतिमाह के बीच हो सकती है। इसमें महंगाई भत्ता, हाउस रेंट अलाउंस और अन्य भत्ते जुड़ने पर कुल मासिक आय ₹30,000–₹40,000 या उससे अधिक हो सकती है। प्रमोशन और अनुभव के साथ वेतन बढ़ता रहता है।
ट्रैफिक पुलिस के लिए सबसे ज्यादा सैलरी कितनी है?
उच्च पदों जैसे इंस्पेक्टर, डीएसपी या एसीपी स्तर पर मासिक वेतन ₹70,000 से लेकर ₹1,00,000 या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। बड़े शहरों में तैनाती और वरिष्ठता के आधार पर भत्ते भी बढ़ जाते हैं। पुलिस सेवा में उच्च रैंक मिलने पर वेतनमान राज्य सरकार के वेतन आयोग के अनुसार निर्धारित होता है।
ट्रैफिक पुलिस के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है?
आमतौर पर कांस्टेबल पद के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास होती है, जबकि सब-इंस्पेक्टर के लिए स्नातक डिग्री आवश्यक होती है। भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और मेडिकल टेस्ट शामिल होते हैं। चयन के बाद पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें ट्रैफिक नियम, कानून और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी पढ़ाई कराई जाती है।
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