हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के आयुक्त आर. वी. कर्णन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ‘प्रजावाणी’ कार्यक्रम में प्राप्त सभी शिकायतों और आवेदनों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। सोमवार को जीएचएमसी मुख्यालय में आयोजित ‘प्रजावाणी’ कार्यक्रम में आयुक्त (Commissioner) आर. वी. कर्णन ने अतिरिक्त आयुक्तों और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नागरिकों से सीधे शिकायतें और आवेदन प्राप्त किए। मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 28 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए।
संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
आयुक्त ने प्राप्त शिकायतों की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘प्रजावाणी’ में आने वाली शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विभागवार प्राप्त आवेदनों की गहन जांच कर यथाशीघ्र समाधान करने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए। कार्यक्रम में अतिरिक्त आयुक्त सत्यनारायण, मंगतायारु, विजिलेंस एएसपी नरसिंहा रेड्डी, मुख्य अभियंता (मेंटेनेंस) सहदेव रत्नाकर, अतिरिक्त सीसीपी श्रीनिवास तथा संयुक्त आयुक्त जयंत और रजनीकांत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
ghmc का अर्थ क्या है?
ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक नगर निगम संस्था है जो हैदराबाद शहर और आसपास के शहरी क्षेत्रों के प्रशासन का कार्य संभालती है। यह संस्था सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण व रखरखाव, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी, भवन निर्माण अनुमति, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और संपत्ति कर संग्रह जैसे कार्य करती है। नगर निगम का नेतृत्व एक आयुक्त करता है तथा शहर को विभिन्न वार्डों और ज़ोन में विभाजित किया गया है।
एचएमडीए और जीएचएमसी में क्या अंतर है?
दोनों संस्थाएँ शहरी विकास से जुड़ी हैं, लेकिन उनकी जिम्मेदारियाँ अलग-अलग हैं। एचएमडीए महानगरीय क्षेत्र की दीर्घकालिक योजना, मास्टर प्लान, भूमि उपयोग और बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को देखती है। दूसरी ओर जीएचएमसी शहर के दैनिक नागरिक कार्यों जैसे सफाई, सड़क मरम्मत, कर वसूली और स्थानीय सुविधाओं का प्रबंधन करती है। सरल शब्दों में एक संस्था योजना बनाती है, जबकि दूसरी उसे स्थानीय स्तर पर लागू करती है।
GHMC संपत्ति कर प्रस्ताव 2025 क्या है?
वर्ष 2025–26 के लिए नगर निगम ने संपत्ति कर से संबंधित रियायतें और सुधारात्मक कदम प्रस्तावित किए हैं। समय पर कर जमा करने वालों को छूट देने की योजना बनाई गई है, जिससे नागरिकों को प्रोत्साहन मिले। बकाया कर पर ब्याज में राहत देने की विशेष योजना भी शामिल है। साथ ही ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है ताकि कर भुगतान प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बन सके।
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