हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) ने बुधवार को स्वच्छ भारत मिशन–शहरी (2.0) के तहत नव नियुक्त उप कार्यकारी अभियंताओं (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) तथा सहायक कार्यकारी अभियंताओं/सहायक अभियंताओं (SWM) के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम जीएचएमसी मुख्यालय में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम–2024, हालिया संशोधनों तथा फील्ड स्तर पर कार्यान्वयन से जुड़ी चुनौतियों से अवगत कराना था। सत्र की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य एवं स्वच्छता) रघु प्रसाद ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और कचरा प्रबंधन नियमों के अनुपालन पर जोर दिया, ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में शहर का प्रदर्शन बेहतर हो सके।

कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
कंट्रोल रूम की विशेष ड्यूटी अधिकारी अनुराधा तथा जीएचएमसी के अधीक्षण अभियंता (एसडब्ल्यूएम) ने नव नियुक्त इंजीनियरों से जमीनी स्तर पर स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस दौरान स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 टूलकिट, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन, थोक कचरा उत्पादकों के अनुपालन सहित विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियां दी गईं।

तकनीकी सत्र स्वच्छ भारत मिशन पीआईयू, जीएचएमसी तथा निजी एजेंसियों के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किए गए। अधिकारियों के अनुसार यह कार्यक्रम जीएचएमसी की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
जीएचएमसी से आप क्या समझते हैं?
यह हैदराबाद शहर का स्थानीय शहरी निकाय है, जो नगर विकास, सफाई, जल आपूर्ति, सड़क, पार्क और नागरिक सुविधाओं का संचालन करता है। शहर के प्रशासनिक और विकास कार्यों की योजना, बजट और क्रियान्वयन इसी संस्था के माध्यम से होता है।
जीएचएमसी के वर्तमान महापौर कौन है?
वर्तमान में हैदराबाद महापौर पद एम. गायकवाड़ के पास है। वे शहर के प्रशासन, विकास और नागरिक कल्याण की योजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
जीएचएमसी डीसी का फुल फॉर्म क्या है?
डीसी का पूरा नाम डिप्टी कमिश्नर है। यह अधिकारी महापौर और निगम प्रशासन के तहत शहरी मामलों के समन्वय, योजना कार्यान्वयन और प्रशासनिक निर्णय लेने में मदद करता है।
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