हैदराबाद। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा (Governor Jishnu Dev Verma) ने हैदराबाद सर्कल के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई ) के कर्मचारियों द्वारा सशस्त्र बलों के ध्वज दिवस को 53 लाख रुपये देने की सराहना की। एसबीआई हैदराबाद सर्कल के मुख्य महाप्रबंधक एस. राधा कृष्णन ने गुरुवार को लोक भवन में राज्यपाल को चेक प्रस्तुत किया। राज्यपाल, जो सशस्त्र बलों के ध्वज दिवस कोष के अध्यक्ष भी हैं, ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अन्य संगठनों और नागरिकों को समान समर्थन देने के लिए प्रेरित करेगा। सैनिक कल्याण निदेशक स्रीनिवासुलु, सैनिक कल्याण विभाग और एसबीआई के वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। राज्यपाल ने युद्ध अनुभवी, पूर्वसेवक, युद्ध विधवाओं और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए एसबीआई (SBI) के सतत समर्थन की सराहना की और इस योगदान को एक पुण्य और अर्थपूर्ण पहल बताया।
भारत के वर्तमान राज्यपाल कौन हैं?
देश में प्रत्येक राज्य का अलग-अलग राज्यपाल होता है, इसलिए एक ही व्यक्ति पूरे भारत का राज्यपाल नहीं होता। राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वे संबंधित राज्य में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं। वर्तमान में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में अलग-अलग व्यक्तियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। सही नाम जानने के लिए राज्य का उल्लेख करना आवश्यक होता है।
राज्यपाल का कार्य क्या होता है?
यह पद राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। विधानसभा सत्र बुलाना, विधेयकों को मंजूरी देना, मुख्यमंत्री की नियुक्ति करना और आपात स्थितियों में रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजना इसकी प्रमुख जिम्मेदारियां हैं। राज्य की कार्यपालिका मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के माध्यम से चलती है, लेकिन सभी औपचारिक कार्य राज्यपाल के नाम से किए जाते हैं।
भारत के प्रथम पुरुष राज्यपाल कौन थे?
स्वतंत्र भारत में राज्यों के पहले भारतीय राज्यपालों में Sarojini Naidu का नाम प्रमुख है, जो 1947 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनीं। हालांकि वे महिला थीं। यदि पुरुष राज्यपाल की बात करें, तो स्वतंत्रता के बाद कई राज्यों में अलग-अलग भारतीय नेताओं को नियुक्त किया गया। राज्यपाल पद की परंपरा ब्रिटिश काल से चली आ रही है, जिसे स्वतंत्र भारत में संवैधानिक रूप दिया गया।
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