हैदराबाद। आदिलाबाद जिले से आए आदिवासी प्रतिनिधिमंडल (Tribal Delegation) का बुधवार को ऐतिहासिक तारामती बारादरी में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जूपल्ली कृष्णा राव ने दिन में पहले आदिलाबाद जिले के उत्नूर मंडल के गोंडूगुडा से इस दल को रवाना किया और स्वयं उनके साथ हैदराबाद (Hyderabad) पहुंचे। यहां पहुंचने पर उन्होंने राज्य सरकार की ओर से प्रतिभागियों का स्वागत किया। करीब 250 आदिवासी, जो गोंड बस्तियों से आए थे, इस यात्रा में शामिल हुए। मंत्री ने उनके साथ भोजन भी किया, जो समावेशिता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक रहा।
मंत्री ने साथ आदिवासी समुदाय के साथ भ्रमण किया
इसके बाद दल राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, शमशाबाद के भ्रमण के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर मंत्री ने बताया कि यह यात्रा ‘आदिवासी टूरिज्म एक्सपोजर प्रोग्राम’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आदिवासी समुदाय को शहरी जीवन से परिचित कराना और उनकी सामाजिक जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि पहले कुम्मारिगुंटा में आयोजित कार्यक्रम में करीब 1,800 लोगों में से बहुत कम लोगों ने हैदराबाद देखा था, जिसके बाद ऐसे कार्यक्रम शुरू किए गए। शिल्पारामम सहित अन्य प्रमुख स्थानों का दौरा कराया जाएगा।
विभिन्न कदम उठा रही सरकार
जूपल्ली कृष्णा राव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार के साधन के रूप में बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है, जिसमें प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को प्रोत्साहित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्थानीय कलाकारों को लाभ होगा, बल्कि राज्य की आय और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इस मौके पर खानापुर विधायक वेदमा बोज्जू, पर्यटन विकास निगम की प्रबंध निदेशक गौथामी, पर्यटन निदेशक लक्ष्मण रंजीत नायक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आदिलाबाद का इतिहास क्या है?
इतिहास के अनुसार आदिलाबाद क्षेत्र पर प्राचीन काल में मौर्य और सातवाहन जैसे राजवंशों का प्रभाव रहा। बाद में यह काकतीयों और फिर बहमनी तथा निज़ाम शासकों के अधीन आया। निज़ाम शासन के दौरान इस क्षेत्र का नाम आदिलाबाद रखा गया, जो बीजापुर के आदिल शाह के नाम से जुड़ा माना जाता है। यह जिला लंबे समय से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है।
आदिलाबाद किस लिए प्रसिद्ध है?
प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति के लिए आदिलाबाद प्रसिद्ध है। यहां के कुंतला जलप्रपात, पोंचेरा जलप्रपात और कावल वन्यजीव अभयारण्य प्रमुख आकर्षण हैं। इसके अलावा यह क्षेत्र कपास उत्पादन और आदिवासी परंपराओं के लिए भी जाना जाता है, जो इसे पर्यटन और कृषि दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाता है।
आदिलाबाद को हिंदी में क्या कहते हैं?
सामान्य उपयोग में आदिलाबाद का हिंदी नाम भी “आदिलाबाद” ही है। यह नाम सभी सरकारी दस्तावेजों और आम बोलचाल में समान रूप से प्रयोग किया जाता है, इसलिए इसका कोई अलग हिंदी रूप प्रचलित नहीं है।
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