Telangana : घोष आयोग पर हाईकोर्ट की रोक के बाद भाजपा का ‘कुप्रबंधन’ का आरोप

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हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव (N. Ramchander Rao) ने तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा न्यायमूर्ति पी.सी. घोष आयोग से जुड़े मामलों पर रोक लगाए जाने के बाद कांग्रेस सरकार पर “प्रक्रियागत त्रुटियों और लापरवाही” का आरोप लगाया है। भाजपा नेता ने कहा कि न्यायमूर्ति पी.सी. घोष आयोग का गठन कालेश्वरम परियोजना के तहत मेडिगड्डा, अन्नाराम और सुंदिल्ला बैराजों के निर्माण एवं रखरखाव में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए किया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप (Interference) और उसकी टिप्पणियों ने पूरे मामले के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दोषियों को किसी भी कीमत पर बचने नहीं दिया जाना चाहिए

रामचंदर राव ने कहा कि हाईकोर्ट की रोक ने कांग्रेस सरकार की “त्रुटिपूर्ण, भ्रामक और लापरवाह कार्यप्रणाली” को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का “जानबूझकर किया गया कुप्रबंधन” शीर्ष आरोपियों को बचाने के उद्देश्य से था, जिसके चलते कानूनी झटका लगा है। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को “राजनीतिक रूप से प्रभावित और लापरवाहीपूर्ण तरीके” से संभालने के लिए कांग्रेस सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। भाजपा नेता ने मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में तत्काल अपील करने की मांग की। उन्होंने कहा, “कालेश्वरम परियोजना में हुई अनियमितताओं की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों को किसी भी कीमत पर बचने नहीं दिया जाना चाहिए।”

तेलंगाना पुलिस की सैलरी कितनी होती है?

पद के अनुसार तेलंगाना पुलिस में वेतन अलग-अलग होता है। कांस्टेबल की शुरुआती सैलरी लगभग 30,000–40,000 रुपये प्रति माह के आसपास होती है, जबकि सब-इंस्पेक्टर (SI) की सैलरी करीब 45,000–60,000 रुपये तक होती है। उच्च पदों जैसे डीएसपी, आईपीएस अधिकारियों की सैलरी 70,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये प्रति माह या उससे अधिक हो सकती है। इसमें भत्ते और अन्य सुविधाएं भी शामिल होती हैं।

तेलंगाना पुलिस कौन है?

पुलिस राज्य की कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली सरकारी एजेंसी है। यह अपराध रोकने, जांच करने, यातायात नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का कार्य करती है। पुलिस विभाग राज्य सरकार के अधीन कार्य करता है और विभिन्न रैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलकर बना होता है।

तेलंगाना में कितने थाने हैं?

कुल मिलाकर तेलंगाना में लगभग 800 से अधिक पुलिस थाने (Police Stations) हैं। यह संख्या समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों और नए जिलों के गठन के अनुसार बदल सकती है। इन थानों के माध्यम से पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और जनता को सुरक्षा सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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