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Guerrilla Army : 75 लाख के इनामी शीर्ष बदसे सुक्का उर्फ देवा का आत्मसमर्पण

Author Icon By Ajay Kumar Shukla
Updated: January 3, 2026 • 9:58 PM
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हैदराबाद । तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) बी. शिवधर रेड्डी ने शनिवार को वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता की घोषणा करते हुए बताया कि शीर्ष पीएलजीए कमांडर बदसे सुक्का उर्फ देवा और तेलंगाना राज्य समिति के सदस्य कंकनाला राजी रेड्डी सहित 17 माओवादी कैडरों ने भारी मात्रा में हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (Maoist) की सशस्त्र शाखा है।

आत्मसमर्पणों से ‘पीएलजीए युग का अंत’ संकेतित होता है : डीजीपी

यहां आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी ने कहा कि इन आत्मसमर्पणों से ‘पीएलजीए युग का अंत’ संकेतित होता है और इससे तेलंगाना व आसपास के क्षेत्रों में सीपीआई (माओवादी) को निर्णायक झटका लगा है। आत्मसमर्पण करने वालों में 17 कट्टर माओवादी शामिल हैं, जिनके साथ 48 हथियार और 2,200 से अधिक कारतूस बरामद हुए हैं। पीएलजीए बटालियन के कमांडर और मारे गए माओवादी हिड़मा के करीबी सहयोगी बदसे सुक्का उर्फ देवा ने आत्मसमर्पण किया। उस पर तेलंगाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र पुलिस और एनआईए द्वारा घोषित कुल 75 लाख रुपए का इनाम था। तेलंगाना राज्य समिति (टीएससी) के वरिष्ठ सदस्य कंकनाला राजी रेड्डी ने भी हथियार डाल दिए, जिससे राज्य में केवल एक एससीएम सक्रिय रह गया है।

सौंपे गए हथियारों में इज़राइली टेवर राइफल, ग्रेनेड लॉन्चर भी शामिल

सौंपे गए हथियारों में एलएमजी, एके-47, इंसास राइफलें, एसएलआर, अमेरिका निर्मित कोल्ट राइफल, सहित अन्य हथियार शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि पीएलजीए बटालियन की संख्या 400 से घटकर 66 रह गई है, जो उसके पूरी तरह कमजोर होने को दर्शाता है। उनके अनुसार, इन आत्मसमर्पणों से तेलंगाना में सीपीआई (माओवादी) की संचालन क्षमता पंगु हो गई है। इनाम और पुनर्वास के संबंध में डीजीपी ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को राज्य की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत कुल 1.81 करोड़ रुपअ दिए जाएंगे। प्रत्येक को तत्काल 25,000 की सहायता पहले ही प्रदान की जा चुकी है, जबकि आगे वित्तीय सहायता और पुनर्वास लाभ दिए जाएंगे।

कई कारणों से डाले हथियार : पुलिस महानिदेशक

डीजीपी के अनुसार, कैडरों ने वैचारिक मोहभंग, आंतरिक मतभेद, कठोर जीवन स्थितियां, सुरक्षा बलों का निरंतर दबाव और परिवारों से दूरी को हथियार छोड़ने के प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि ये आत्मसमर्पण मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की उस अपील के बाद भी हुए हैं, जिसमें उन्होंने माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने का आह्वान किया था। राज्य सरकार की नीति दोहराते हुए डीजीपी शिवधर रेड्डी ने शेष माओवादियों से हिंसा त्यागने, हथियार सौंपने और अपने गांवों में लौटने की अपील की।

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