हैदराबाद। फालकनुमा विभाजन (lanceolate division) में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा असामाजिक गतिविधियों को रोकने के संकल्प के साथ बहादुरपुरा पुलिस ने शांति नियमों का उल्लंघन करने वाले एक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय से सजा दिलाई है। सहायक कमिश्नर ऑफ पुलिस फलकनुमा डिवीजन, हैदराबाद, एम. ए. जावीद (M.A. Javid) ने बताया कि आरोपी की पहचान हरून राशीद के रूप में हुई, जो बहादुरपुरा पुलिस स्टेशन का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसे पहले शांति बनाए रखने तथा भद्र व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत बाँड‑ओवर किया गया था, जिसमें उसने किसी भी अपराधिक कृत्य से परहेज़ करने का संकल्प लिया था।
नए अपराधिक मामले में शामिल पाया गया हरून राशीद
बाँड‑ओवर अवधि के दौरान भी हरून राशीद नए अपराधिक मामले में शामिल पाया गया, जो श्रमों द्वारा लिए गए शर्तों का सीधा उल्लंघन है। उल्लंघन के पश्चात बहादुरपुरा पुलिस ने आरोपी को माननीय विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम ), हैदराबाद जिला के. ज्योति के समक्ष प्रस्तुत किया और सुरक्षा बाध्यता की गिरफ्तारी तथा बाँड के जब्त किए जाने हेतु विधिक कार्रवाई का अनुरोध किया। पुलिस द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और अभिलेखों की गहन समीक्षा के पश्चात माननीय एसईएम ने हरून राशीद को बाँड‑ओवर शर्तों के उल्लंघन का दोषी पाया। अदालत ने उसे सरल कारावास की सज़ा एक माह (30 दिन) की सजा सुनाई। न्यायालय के आदेश के अनुरूप हरून राशीद को पुलिस ने हिरासत में लिया और आवश्यक न्यायिक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद उसे सेंट्रल प्रिजन, चांचलगुडा जेल में स्थानांतरित कर सजा भुगतने के लिए भेज दिया।
शांति के 5 नियम कौन से हैं?
सामान्य जीवन में शांति बनाए रखने के लिए पाँच प्रमुख नियम माने जाते हैं। पहला, अहिंसा और किसी को नुकसान न पहुँचाने का संकल्प। दूसरा, सत्य बोलना और ईमानदारी रखना। तीसरा, सहनशीलता और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना। चौथा, संवाद के माध्यम से विवाद सुलझाना। पाँचवाँ, क्षमा और धैर्य का अभ्यास करना। इन नियमों से व्यक्तिगत, सामाजिक और पारिवारिक जीवन में सौहार्द और स्थिरता बनी रहती है।
शांति के सिद्धांत क्या हैं?
सिद्धांत आपसी सम्मान, न्याय, समानता और सहयोग पर आधारित होते हैं। किसी भी समाज में स्थायी शांति तभी संभव है जब कानून का पालन हो और सभी को समान अवसर मिले। संवाद, समझौता और विश्वास निर्माण भी महत्वपूर्ण तत्व हैं। संघर्ष की स्थिति में हिंसा के बजाय वार्ता का रास्ता अपनाना शांति का मूल सिद्धांत माना जाता है।
शांति के 8 सिद्धांत क्या हैं?
आठ प्रमुख सिद्धांतों में अहिंसा, सत्य, सहिष्णुता, करुणा, न्याय, समानता, सहयोग और आत्मसंयम शामिल किए जाते हैं। ये सिद्धांत व्यक्ति और समाज दोनों के लिए मार्गदर्शक होते हैं। इनका पालन करने से मतभेद कम होते हैं और सकारात्मक वातावरण बनता है। सामाजिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन्हीं मूल्यों के आधार पर स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।
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