Hyderabad : साइबर अपराधियों ने सुप्रीम कोर्ट के जज बनकर पूर्व सीई से 1.5 करोड़ रुपये लूटे!

Read Time:  1 min
साइबर
साइबर
FONT SIZE
GET APP

साइबर जागरूकता अभियान चला रही पुलिस, लोगों को कर रही सावधान

हैदराबाद। हाल के दिनों में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं और आसानी से उन्हें ठग रहे हैं। पुलिस द्वारा कई बार साइबर अपराधियों के जाल में न फंसने की चेतावनी दिए जाने के बावजूद कुछ मासूम लोग अपना सब कुछ खो रहे हैं। पुलिस द्वारा बार-बार लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दिए जाने के बाद भी अगर कोई जालसाज बैंक अधिकारी या कुछ खास लोग बनकर फोन करके बैंक अकाउंट नंबर और ओटीपी मांगता है तो साइबर अपराधियों ने भी अपना रास्ता बदल लिया है। इस बार जालसाजों ने सुप्रीम कोर्ट के जज का नाम लेकर एक पीड़ित के साथ नई ठगी की है।

जज का नाम लेते ही घबरा गए पीड़ित, साइबरों ठगों को दे दिया सारा पैसा

सुप्रीम कोर्ट के जज का नाम लिए जाने पर पीड़ित घबरा गया और उसने अपने सारे पैसे जालसाजों को सौंप दिए। आखिरकार सच्चाई जानकर पीड़ित के होश उड़ गए। अब देखते हैं कि साइबर अपराधियों ने किस तरह से ठगी की। वनस्थलीपुरम में पूर्व चीफ इंजीनियर से जालसाजों ने करीब 1.5 करोड़ रुपये ठग लिए । एक दिन पीड़ित को एक व्यक्ति का फोन आया। साइबर अपराधियों ने उसे धमकाया कि उसका नाम एक मामले में आया है। जालसाजों ने उसे यह कहकर आश्वस्त किया कि मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जांच की जाएगी। उन्होंने उसे झूठा बताया कि मामले की जांच खुद जस्टिस कर रहे हैं।

रिटायर्ड चीफ इंजीनियर को साइबर धोखाधड़ी का हुआ एहसास

उन्होंने उसे यह भी कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट के जज का वीडियो कॉल आए तो वह झुककर विनम्रता से बात करे। पीड़ित को लगा कि फोन कॉल और वीडियो कॉल सुप्रीम कोर्ट के जज की तरफ से है। कुछ ही मिनटों में फर्जी जज वीडियो कॉल पर आ गया। उसने इंजीनियर को चेतावनी दी कि यह मामला गंभीर है और उसे गिरफ्तार करना होगा। फर्जी जज ने उसे केस से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के खाते में पैसे जमा करने को कहा। उसने उसे आश्वस्त किया कि केस खत्म होने के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे। फर्जी जज पर विश्वास करने वाले रिटायर्ड चीफ इंजीनियर ने निर्देशानुसार बैंक में करीब 1.50 करोड़ रुपये जमा कर दिए। कई दिन बीत जाने के बाद भी पैसे वापस नहीं आए और रिटायर्ड चीफ इंजीनियर को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उसने राचकोंडा पुलिस से संपर्क किया।

साइबर अपराधियों से सावधान रहने की चेतावनी

उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें किस तरह का फोन आया और उन्होंने किस तरह से पैसे जमा किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस एक बार फिर लोगों को साइबर अपराधियों से सावधान रहने की चेतावनी दे रही है। दूसरी ओर, एक बैंक अधिकारी से भी साइबर अपराधियों ने करीब 4 लाख रुपये ठग लिए। उन्होंने पीड़ित को फोन कर पता अपडेट करने की बात कही और उनके बैंक खाते से 3.92 लाख रुपये उड़ा लिए। साइबर अपराधियों ने मुशीराबाद के एक सरकारी कर्मचारी को फोन किया।

साइबर

पीड़ित के खाते से 3.92 लाख रुपये गायब

उन्होंने पीड़ित को बताया कि वह वाई बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर है और उसे पता अपडेट करने के लिए राजी कर लिया। पीड़ित ने एपीके फाइलें भेजे जाने के बाद उन्हें इंस्टॉल कर लिया। देखते ही देखते पीड़ित के खाते से 3.92 लाख रुपये गायब हो गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।