मुख्यमंत्री ने नई फ्लूइड्स यूनिट का उद्घाटन किया
हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने शुक्रवार को रंगारेड्डी जिले के महेश्वरम मंडल स्थित एक फ्लूइड्स निर्माण इकाई का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार, मंत्री श्रीधर बाबू, सांसद अनिल कुमार यादव, विधान परिषद के मुख्य सचेतक पी. महेंद्र रेड्डी, विधायक प्रकाश गौड़, मल रेड्डी रंगारेड्डी, काले यदैय्या सहित अन्य लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने अपने संबोधन में कहा कि 1995 से 2025 तक लगातार तीन दशकों के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप हैदराबाद ने इतनी प्रगति की है कि आज वह विश्व के प्रमुख शहरों से प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
प्रमुख निर्माण कंपनी की स्थापना प्रशंसनीय
उन्होंने कहा कि जर्मन तकनीक का उपयोग करते हुए दक्षिण भारत में आईवी फ्लूइड्स के लिए एक प्रमुख निर्माण कंपनी की स्थापना प्रशंसनीय है। तेलंगाना राइजिंग 2047 विजन के अंतर्गत सुजेन मेडिकेयर निर्माण इकाई की स्थापना देखकर प्रसन्नता हो रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ग्लोबल समिट में तेलंगाना विजन डॉक्यूमेंट नीति का अनावरण किया है, जिसका उद्देश्य 2034 तक तेलंगाना को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने कहा, तेलंगाना की आर्थिक संरचना क्योर, प्योर और रेयर के सिद्धांतों पर आधारित होगी।
विश्व के अग्रणी शहरों के साथ प्रतिस्पर्धा
हैदराबाद और तेलंगाना विश्व के अग्रणी शहरों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। विशेष रूप से तेलंगाना जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया और न्यूयॉर्क से मुकाबला कर रहा है। इसी संदर्भ में हम युवा उद्यमियों द्वारा शुरू किए गए उद्योगों को बढ़ावा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले एक दशक में भारत फ्यूचर सिटी को इस तरह विकसित किया जाएगा कि लोग भविष्य के शहर में रहने पर गर्व महसूस करेंगे।
हैदराबाद में कितने प्रतिशत हिंदू हैं?
विभिन्न जनगणना और सामाजिक आंकड़ों के अनुसार शहर की कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी लगभग 60 से 65 प्रतिशत के बीच मानी जाती है। इसके बाद मुस्लिम समुदाय लगभग 30 से 35 प्रतिशत के आसपास है, जबकि शेष प्रतिशत अन्य धर्मों से संबंधित लोगों का है। यह धार्मिक विविधता हैदराबाद की सामाजिक पहचान को दर्शाती है।
हैदराबाद की फेमस क्या है?
अपनी ऐतिहासिक विरासत, निज़ामी संस्कृति और आधुनिक आईटी हब के रूप में यह शहर देश-विदेश में जाना जाता है। चारमीनार, गोलकोंडा किला, चौमहल्ला पैलेस, बिरयानी, हलीम और मोती बाजार यहां की खास पहचान हैं। फार्मा, स्टार्टअप और आईटी सेक्टर में भी यह शहर काफी प्रसिद्ध है।
हैदराबाद में कौन सी भाषा बोली जाती है?
स्थानीय स्तर पर तेलुगु और उर्दू सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाएं हैं। इसके अलावा हिंदी और अंग्रेजी का भी व्यापक उपयोग होता है, खासकर शिक्षा, कार्यालय और व्यापारिक क्षेत्रों में। यही भाषाई विविधता शहर को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाती है।
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