माओवादी के खिलाफ चलाया गया था अभियान
कोत्तागुडेम। छत्तीसगढ़ में दो दिन पहले हुई मुठभेड़ में मारे गए माओवादी के शवों के सामने जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों ने जश्न मनाया। घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार को लेकर आलोचना की जा रही है। सुरक्षाकर्मी हाथों में राइफल थामे विजय के नारे लगाते नजर आए, जबकि कुछ माओवादियों के शवों के बीच बैठकर फोटो खिंचवाते नजर आए।
पीएम और गृह मंत्री ने माओवादी के खिलाफ चलाए गए अभियान की प्रशंसा की
गौरतलब हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुठभेड़ की सराहना की और 31 मार्च 2026 तक माओवादियों को खत्म करने की कसम खाई। बुधवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के अबूझमाड़ जंगलों में हुई मुठभेड़ ने दुनिया भर के मीडिया का ध्यान आकर्षित किया, क्योंकि सीपीआई (माओवादी) पार्टी केंद्रीय समिति के महासचिव नंबल्ला केशव राव उर्फ बसवा राजू मुठभेड़ में मारे गए 27 माओवादियों में शामिल थे।
माओवादी केशव भी मारा गया
मुठभेड़ में नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव के डीआरजी जवानों ने हिस्सा लिया। विभिन्न जन संगठनों और वामपंथी दलों ने सरकार से मांग की है कि मुठभेड़ में केशव राव और 26 अन्य की हत्या की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराई जाए।
जनता के लिए समस्या बन गए थे …
जनता के लिए समस्या बने माओवादी के सफाए पर ग्रामीणों ने भी जश्न मनाया। ग्रामीणों का कहना है कि माओवादी ने लोगों का जीना हराम कर रखा था। अक्सर कहीं न कहीं दुखदायी खबरें सामने आती थी। सरकार की तरफ से चलाया गया अभियान अंतत: सफल रहा और इस अभियान में नेता भी मारा गया। इस उपलब्धि को केंद्र की मोदी सरकार भी निगरानी कर रही थी और अंतत: मिशन की सफलता पर बधाई दी।