हैदराबाद। तेलंगाना के जेल महानिदेशक डॉ. सौम्या मिश्रा ने सोमवार को वारंगल (Warangal) जिले का आधिकारिक दौरा किया। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने महत्वपूर्ण सुविधाओं का उद्घाटन किया और गहन निरीक्षण किए, जिससे पुनर्वास, कल्याण और जेल प्रबंधन के आधुनिकीकरण के प्रति विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता प्रदर्शित हुई। जेल महानिदेशक ने खानपुर, नरसामपेट में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 32वें ‘माई नेशन’ फिलिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य सुधरे हुए और रिहा हुए कैदियों (Prisoners) को व्यवस्थित और स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है, जिससे समाज में उनका पुनर्एकीकरण सुगम हो सके।
नए बुनियादी ढांचे का किया उद्घाटन
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की पहल न केवल आर्थिक गतिविधि का प्रतीक है, बल्कि आशा, गरिमा और दूसरा मौका देने का भी प्रतीक है। उन्होंने समावेशी और सामाजिक रूप से जिम्मेदार पहलों को आगे बढ़ाने में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की बहुमूल्य साझेदारी की सराहना की। इसके बाद सौम्या मिश्रा ने नरसामपेट स्थित विशेष महिला कारागार (एसपीडब्ल्यू) का दौरा किया, जहां उन्होंने संस्था का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों के कल्याण, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता की स्थिति सहित महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की।
महिला कैदियों से भी की बातचीत
महानिदेशक ने महिला कैदियों से भी बातचीत की, उनके हालचाल पूछे और उन्हें पुनर्वास और कौशल विकास कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, साथ ही मानवीय और सुधार-उन्मुख सुधारात्मक वातावरण के महत्व पर जोर दिया। इसके बाद, वह वारंगल (ममनूर) स्थित केंद्रीय जेल गईं, जहां उन्होंने नवनिर्मित प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया। नई सुविधा से प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होने और जेल के समग्र बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की उम्मीद है।
अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने संस्था के कामकाज की समीक्षा की और सुरक्षा, आधुनिकीकरण और कल्याणकारी उपायों में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। यह दौरा तेलंगाना के कारागार विभाग के उस प्रगतिशील दृष्टिकोण को दर्शाता है जिसमें हिरासत संबंधी जिम्मेदारियों और सुधारात्मक एवं पुनर्वास प्रयासों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कारागारों को सकारात्मक परिवर्तन और अवसरों के केंद्रों में परिवर्तित किया जा रहा है।
वर्तमान में राजस्थान कारागार विभाग के महानिदेशक कौन हैं?
वर्तमान में राजस्थान कारागार विभाग के महानिदेशक (DGP Prisons) Ashok Kumar Rathore हैं। वे राजस्थान जेल विभाग के शीर्ष अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं और राज्य की जेलों के प्रशासन, सुरक्षा, सुधारात्मक कार्यक्रमों तथा कैदियों के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते हैं। विभाग की आधिकारिक टेलीफोन सूची में उनका नाम DGP Prisons, Jaipur के रूप में दर्ज है।
जेलों के महानिदेशक कौन है?
राज्य स्तर पर जेल विभाग का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी महानिदेशक (Director General of Prisons) होता है। राजस्थान में यह पद Ashok Kumar Rathore संभाल रहे हैं। महानिदेशक जेलों की सुरक्षा, कैदियों के प्रबंधन, सुधारात्मक योजनाओं और प्रशासनिक नियंत्रण की निगरानी करते हैं। उनके अधीन अतिरिक्त महानिदेशक, आईजी, डीआईजी और जेल अधीक्षक कार्य करते हैं।
जेल में सबसे बड़ा अधिकारी कौन होता है?
पूरे जेल विभाग में सबसे बड़ा अधिकारी महानिदेशक एवं महानिरीक्षक कारागार (Director General cum Inspector General of Prisons) माना जाता है। वहीं किसी एक केंद्रीय या जिला जेल के अंदर सबसे वरिष्ठ अधिकारी जेल अधीक्षक (Superintendent) होता है। वही जेल की सुरक्षा, अनुशासन, कैदियों की व्यवस्था और दैनिक संचालन की जिम्मेदारी संभालता है। उप जेलों में सहायक जेलर या संबंधित अधिकारी प्रशासनिक कार्य देखते हैं।
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