मुख्यमंत्री 11 अप्रैल को करेंगे उद्घाटन
हैदराबाद। परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर (Transport Minister Ponnam Prabhakar) और कोंडा सुरेखा ने मंगलवार को हैदराबाद के टैंक बंड पर आईमैक्स थिएटर के सामने स्थित लेक व्यू पार्क में महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फूले की प्रतिमाओं के निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया, जिनका उद्घाटन 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा किया जाना निर्धारित है। इसके बाद उन्होंने प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर प्रतिमा अनावरण समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम से दो दिन पहले प्रतिमाओं की स्थापना का कार्य पूरा कर लिया जाए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम स्थल (Program Venue) पर किसी को कोई असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं।
4 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित कर रही है प्रतिमाएं
एमएलसी बसवराजु सरैया, सरकारी व्हिप्स आदी श्रीनिवास और बिरला ऐलैया, विधायक दानम नागेंदर, कव्वमपल्ली सत्यानारायण, नवीन यादव, कालेरु वेंकटेश और मुथा गोपाल, बीसी आयोग के अध्यक्ष निरंजन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. हनुमंत राव, पूर्व जीएचएमसी महापौर गडवाल विजयलक्ष्मी, निगम अध्यक्ष नुथी श्रीकांत गौड़, मेट्टू साई कुमार और जेरीपाटी जयपाल, बीसी संघों के नेता जाजुला श्रीनिवास गौड़ और दासु, बीसी कल्याण आयुक्त बलमाया देवी, हैदराबाद कलेक्टर तथा जीएचएमसी और एचएमडीए के आयुक्त और अन्य उपस्थित थे। इस अवसर पर बोलते हुए मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि राज्य सरकार लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले की प्रतिमाएं स्थापित कर रही है और इनका अनावरण 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।
सुधारों और समाज के लिए उनकी सेवाओं पर करें विचार
‘हम प्रतिमाएं इस विशेष उद्देश्य से स्थापित करते हैं कि उन्हें देखकर लोग इन महान व्यक्तित्वों के जीवन इतिहास, उनके द्वारा किए गए सुधारों और समाज के लिए उनकी सेवाओं पर विचार करें। सावित्रीबाई फूले ने महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए अथक प्रयास किए, जबकि महात्मा ज्योतिबा फूले ने पिछड़े वर्गों के लिए सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष किया। एचएमडीए, जीएचएमसी और हैदराबाद जिला प्रशासन को इस कार्यक्रम की शानदार सफलता सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए।, मंत्री ने आगे कहा कि स्थानीय विधायक दानम नागेंदर ने इस मार्ग का नाम ‘फूले मार्ग’ रखने का सुझाव दिया है और उन्होंने कहा कि वह इस विषय को मुख्यमंत्री के ध्यान में लाएंगे।
सावित्रीबाई फुले जी कौन थीं?
प्रसिद्ध समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका मानी जाती हैं। उन्होंने महिलाओं और दलितों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। अपने पति के साथ मिलकर उन्होंने लड़कियों के लिए पहला आधुनिक स्कूल शुरू किया। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए उन्होंने शिक्षा को समाज सुधार का सबसे बड़ा माध्यम माना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
भारत में सबसे पहले स्कूल किसने और कब शुरू किया था?
आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्कूल ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले ने वर्ष 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए शुरू किया था। यह कदम उस समय बहुत क्रांतिकारी था, क्योंकि समाज में लड़कियों की शिक्षा को महत्व नहीं दिया जाता था। इस पहल ने भारत में आधुनिक शिक्षा के प्रसार की दिशा में नई शुरुआत की।
महात्मा फुले का दूसरा नाम क्या था?
महात्मा फुले का असली नाम ज्योतिराव फुले था। उन्हें सम्मान और उनके समाज सुधार के कार्यों के कारण “महात्मा” की उपाधि दी गई। उन्होंने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए और समाज में व्याप्त भेदभाव के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया।
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