स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा
हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के महाप्रबंधक (GM) संजय कुमार श्रीवास्तव ने आज दोन–सिकंदराबाद रेल खंड का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ हैदराबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संतोष कुमार वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। महाप्रबंधक ने दोन से सिकंदराबाद तक रियर विंडो निरीक्षण करते हुए इस खंड के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का अवलोकन किया और पटरियों, सिग्नलिंग प्रणाली तथा पुलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान श्री श्रीवास्तव ने कर्नूल सिटी रेलवे स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने यात्री सुविधाओं एवं सर्कुलेटिंग एरिया की समीक्षा की तथा अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत 46.62 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
यात्री सुविधाओं और सर्कुलेटिंग एरिया का किया गया अवलोकन
इसके पश्चात महाप्रबंधक ने एसबीबी जोगुलंबा अमृत स्टेशन (6.70 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित) का निरीक्षण किया, जहां यात्री सुविधाओं और सर्कुलेटिंग एरिया का अवलोकन किया गया। उन्होंने गदवाल रेलवे स्टेशन पर 42.82 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री श्रीवास्तव ने कृष्णा ब्रिज पर विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण किया और वहां कार्यरत ट्रैकमैन से संवाद किया। इसके अलावा उन्होंने अरेपल्ली स्थित लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या 96-ई का निरीक्षण कर गेटमैन से बातचीत की। महबूबनगर रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने यात्री सुविधाओं का अवलोकन किया और 39.82 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे अमृत स्टेशन पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा की।
जेडचेरला रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण
उन्होंने निर्माण स्थल पर सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने रनिंग रूम और क्रू लॉबी का भी निरीक्षण किया, जहां ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट उपकरण की कार्यप्रणाली की जांच की तथा आरएस वाल्व सिम्युलेटर का उद्घाटन किया। इसके बाद श्री श्रीवास्तव ने जेडचेरला रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और 36.67 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्टेशन पर सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग द्वारा प्रदर्शित सिग्नलिंग उपकरणों का भी अवलोकन किया। शादनगर रेलवे स्टेशन पर भी उन्होंने यात्री सुविधाओं और 32.99 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे अमृत स्टेशन कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने महाप्रबंधक से मुलाकात कर अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित रेलवे विकास कार्यों को लेकर ज्ञापन सौंपे।
दक्षिण मध्य रेलवे कौन सा है?
भारतीय रेलवे के कुल 18 जोनों में से एक महत्वपूर्ण जोन दक्षिण मध्य रेलवे है। यह रेलवे ज़ोन मुख्य रूप से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में रेल संचालन करता है। यात्रियों और माल ढुलाई—दोनों दृष्टि से यह ज़ोन बेहद अहम माना जाता है। इस क्षेत्र में कई प्रमुख जंक्शन और औद्योगिक मार्ग आते हैं, जिससे दक्षिण और मध्य भारत के बीच रेल संपर्क मजबूत बना रहता है।
दक्षिण मध्य रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
इस रेलवे ज़ोन का मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है। यहीं से पूरे दक्षिण मध्य रेलवे के प्रशासनिक, परिचालन और तकनीकी कार्यों का संचालन किया जाता है। मुख्यालय में महाप्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी कार्यरत होते हैं, जो ट्रेन संचालन, कर्मचारी प्रबंधन, सुरक्षा और विकास योजनाओं की निगरानी करते हैं। हैदराबाद का केंद्रीय स्थान इस ज़ोन के प्रभावी नियंत्रण और समन्वय में सहायक है।
दक्षिण मध्य रेलवे क्या है?
भारतीय रेलवे का एक प्रशासनिक ज़ोन है, जिसे यात्रियों और माल परिवहन की सुचारु व्यवस्था के लिए गठित किया गया है। इसका कार्य रेलवे लाइनों का रखरखाव, ट्रेनों का संचालन, समय-सारिणी बनाना और सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। यह ज़ोन दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्यों को जोड़ता है। आर्थिक गतिविधियों, तीर्थयात्रा और दैनिक यातायात में इसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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