हैदराबाद। हैदराबाद में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Chief Minister Revanth Reddy) ने कानून-व्यवस्था, साइबर क्राइम नियंत्रण, विजिलेंस और फायर सेफ्टी को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ड्रग्स पीड़ितों के लिए विशेष डी-एडिक्शन सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में एसआई से लेकर नॉन-कैडर आईपीएस स्तर तक पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों को दो वर्षों तक अन्य विभागों में भी कार्य करना चाहिए। इस संबंध में मुख्य सचिव (chief Secretary) और डीजीपी को अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में साइबर क्राइम नियंत्रण को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।
समग्र अध्ययन कर तैयार की जाए विस्तृत रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समग्र अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही फोरेंसिक सेंटर और डेटा सेंटर की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस प्रशिक्षण के दौरान ही साइबर क्राइम शाखा के लिए विशेष चयन प्रक्रिया शुरू की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने स्किल्स यूनिवर्सिटी में पुलिस विभाग के लिए साइबर क्राइम से संबंधित विशेष कोर्स शुरू करने का सुझाव भी दिया। विजिलेंस विभाग की कार्यप्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर भी मुख्यमंत्री ने बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों पर विजिलेंस की विशेष नजर होनी चाहिए।
आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए पहले से उठाने होंगे कदम
डेटा एनालिसिस के आधार पर ऑर्गनाइज्ड क्राइम पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। विजिलेंस विभाग को अधिक अधिकार देने के मुद्दे पर अध्ययन करने को भी कहा गया। फायर सेफ्टी को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए पहले से कदम उठाने होंगे। उन्होंने नगर प्रशासन विभाग और हाइड्रा के साथ समन्वय कर 15 जून तक फायर विभाग पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। इसके अलावा नालों के रखरखाव में मेट्रो वाटर वर्क्स विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही गई।
मैनहोल प्रबंधन को लेकर पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, हाइड्रा और नगर प्रशासन विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने शहर में अवैध रूप से लगाए जा रहे फ्लेक्सी बोर्ड्स पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस कमिश्नरों और जीएचएमसी अधिकारियों को फ्लेक्सियों के मुद्दे पर कड़ाई बरतने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने को भी कहा।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
हिंदू धर्म मानने वाले लोगों की संख्या सबसे अधिक है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की लगभग 85 प्रतिशत आबादी हिंदू है। इसके अलावा मुस्लिम, ईसाई और अन्य धर्मों के लोग भी यहां निवास करते हैं। हैदराबाद सहित कई शहरों में सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता देखने को मिलती है। मंदिर, त्योहार और पारंपरिक आयोजन यहां के सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
चावल आधारित व्यंजन यहां के भोजन का प्रमुख हिस्सा माने जाते हैं। तेलंगाना में दाल, मसालेदार सब्जियां और मांसाहारी पकवान भी काफी लोकप्रिय हैं। हैदराबादी बिरयानी, सरवा पिंडी, साकिनालु और पच्ची पुलुसु जैसे पारंपरिक व्यंजन विशेष पहचान रखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्वार और बाजरे से बने खाद्य पदार्थों का भी उपयोग किया जाता है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर पारंपरिक तेलंगाना भोजन तैयार किया जाता है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री किस जाति से हैं?
ए. रेवंत रेड्डी रेड्डी समुदाय से संबंध रखते हैं। यह समुदाय तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के प्रमुख सामाजिक समूहों में गिना जाता है। उन्होंने लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है और कई महत्वपूर्ण पद संभाले हैं। कांग्रेस पार्टी के नेता के रूप में उन्होंने राज्य की राजनीति में विशेष पहचान बनाई। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान दे रहे हैं।
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