हैदराबाद। चिलकलगुडा पुलिस (Chilkalguda Police) और गांधी अस्पताल प्रबंधन के संयुक्त प्रयास से छह मानसिक रूप से अस्वस्थ और बेसहारा व्यक्तियों को सुरक्षित रूप से एक विशेष देखभाल केंद्र में स्थानांतरित किया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से गांधी अस्पताल में उपचाराधीन ये छह व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर पाए गए थे और स्वयं की देखभाल करने में असमर्थ थे। इनके साथ कोई परिजन (Family members) या संरक्षक भी मौजूद नहीं था। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें याप्रल स्थित “सेकंड चांस मिशन हॉस्पिटल” में स्थानांतरित किया गया। इनमें से एक महिला को उनके बड़े भाई की सहमति और औपचारिक अनुमति के बाद स्थानांतरित किया गया।
चिलकलगुडा पुलिस स्टेशन से करें संपर्क
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को शेष पांच व्यक्तियों की पहचान हो, तो वे तुरंत चिलकलगुडा पुलिस स्टेशन से संपर्क करें, ताकि उन्हें उनके परिवारों से मिलाया जा सके। इस पूरे अभियान में गांधी अस्पताल की अधीक्षक डॉ. वी. वाणी, डॉ. नवीन, चिलकलगुडा एसीपी के. शशांक रेड्डी, चिलकलगुडा एसएचओ रामकृष्ण, सेकंड चांस हॉस्पिटल के समन्वयक मेल्विन, पुलिस कांस्टेबल पूसा श्रीनिवास सहित अन्य मेडिकल और पुलिस स्टाफ ने भाग लिया। चिलकलगुडा पुलिस ने कहा कि विभाग समाज के कमजोर और असहाय वर्गों की सुरक्षा, सम्मान और उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। यह जानकारी एसीपी के. शशांक रेड्डी, चिलकलगुडा डिवीजन द्वारा जारी की गई।

मानसिक बीमारी के 5 संकेत क्या हैं?
व्यवहार, सोच और भावनाओं में लंबे समय तक असामान्य बदलाव मानसिक समस्या के संकेत माने जा सकते हैं। लगातार उदासी, अत्यधिक चिंता, गुस्सा, नींद की परेशानी और लोगों से दूरी बनाना सामान्य संकेतों में शामिल हो सकते हैं। ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और रोजमर्रा के कामों में रुचि कम होना भी देखा जा सकता है। हर व्यक्ति में लक्षण अलग हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से सलाह लेना महत्वपूर्ण माना जाता है।
मानसिक रोगी की पहचान कैसे करें?
व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और दैनिक गतिविधियों में असामान्य बदलाव के आधार पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या की पहचान की जा सकती है। अत्यधिक तनाव, डर, भ्रम, सामाजिक दूरी या अचानक व्यवहार परिवर्तन जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं। सही पहचान केवल प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा जांच के बाद ही की जाती है। परिवार और आसपास के लोगों का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। समय पर सहायता मिलने से स्थिति में सुधार संभव हो सकता है।
मानसिक रोग के कारण क्या हैं?
स्वास्थ्य समस्याएं कई कारणों से उत्पन्न हो सकती हैं। अत्यधिक तनाव, पारिवारिक समस्याएं, आनुवंशिक प्रभाव, नशे की आदत, शारीरिक बीमारी और जीवन की कठिन परिस्थितियां इसके कारण मानी जाती हैं। हार्मोनल बदलाव और लंबे समय तक मानसिक दबाव भी प्रभाव डाल सकते हैं। हर व्यक्ति में कारण अलग-अलग हो सकते हैं। संतुलित जीवनशैली, सामाजिक सहयोग और समय पर उपचार मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में सहायक माने जाते हैं।
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