उमा रानी की सफलता कांग्रेस की कार्यकर्ता-आधारित राजनीति का उदाहरण
हैदराबाद। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष एवं एमएलसी महेश कुमार गौड़ ने मीडिया से बातचीत में संयुक्त निजामाबाद के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से निजामाबाद शहर की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके समर्थन से पार्टी को ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी के नेतृत्व में कांग्रेस ने निजामाबाद (Nizamabad) जिले की अधिकांश नगरपालिकाओं पर विजय प्राप्त की है। लगभग 20 वर्षों बाद पार्टी ने निजामाबाद मेयर पद पर जीत दर्ज की है। महेश कुमार गौड़ ने कहा कि फल बेचने के स्तर से आगे बढ़कर मेयर बनीं उमा रानी की सफलता कांग्रेस की कार्यकर्ता-आधारित राजनीति का उदाहरण है।
विकास को दी प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता का मेयर बनना कांग्रेस पार्टी में ही संभव है। उन्होंने दावा किया कि दो वर्षों के शासनकाल में विकास और कल्याण के क्षेत्र में मिले हर अवसर का सदुपयोग किया गया। इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि कॉलेज की स्थापना तथा 680 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों के निर्माण जैसे कार्य कराए गए। उन्होंने कहा कि जनता ने जाति और धर्म के नाम पर भड़काने की राजनीति को नकारते हुए विकास को प्राथमिकता दी है।

हालांकि भावनात्मक मुद्दे उछाले जाने के कारण पार्टी को लगभग सात सीटें मामूली अंतर से गंवानी पड़ीं। नगर निगम चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के खिलाफ मुकाबला करते हुए कांग्रेस ने पांच सीटों पर जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए एमआईएम के साथ सहयोग आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से जीते एकमात्र उम्मीदवार ने भी कांग्रेस पार्टी को समर्थन दिया है।
4 सफलता के तीन मंत्र क्या हैं?
जीवन में आगे बढ़ने के लिए तीन प्रमुख मंत्र माने जाते हैं—स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच। स्पष्ट लक्ष्य व्यक्ति को सही दिशा देता है। लगातार मेहनत से कौशल और आत्मविश्वास बढ़ता है। सकारात्मक सोच कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। अनुशासन और समय प्रबंधन इन मंत्रों को मजबूत बनाते हैं। इन सिद्धांतों का पालन करने से व्यक्ति धीरे-धीरे अपने उद्देश्य को प्राप्त कर सकता है।
सफलता का सही अर्थ क्या होता है?
सही अर्थ केवल धन या पद प्राप्त करना नहीं है, बल्कि अपने लक्ष्य, संतोष और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन जीना है। जब व्यक्ति अपनी क्षमताओं का पूर्ण उपयोग करता है और समाज के लिए भी उपयोगी बनता है, तब वह सच्ची उपलब्धि प्राप्त करता है। आंतरिक संतुष्टि, आत्मविश्वास और निरंतर प्रगति ही वास्तविक उपलब्धि की पहचान मानी जाती है।
सफलता की शुरुआत कैसे करें?
शुरुआत करने के लिए सबसे पहले स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे छोटे-छोटे चरणों में बाँटें। अपनी क्षमताओं और कमजोरियों को पहचानें, फिर योजना बनाकर कार्य प्रारंभ करें। नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और धैर्य अत्यंत आवश्यक हैं। असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखने से धीरे-धीरे प्रगति का मार्ग खुलता है।
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