Politics : दल-बदल मामले में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पेश हुए कडियम श्रीहरि

By Ajay Kumar Shukla | Updated: February 5, 2026 • 12:45 PM

सुनवाई के बाद विवेकानंद गौड़ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की

हैदराबाद। तेलंगाना में बीआरएस विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं के बीच विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार (Gaddam Prasad Kumar) अब तक आठ विधायकों को क्लीन चिट दे चुके हैं। इसी क्रम में स्टेशन घनपुर से विधायक कडियम श्रीहरि बुधवार को दल-बदल मामले की सुनवाई के सिलसिले में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उपस्थित हुए। कडियम श्रीहरि के खिलाफ याचिका दायर करने वाले बीआरएस विधायक विवेकानंद गौड़ (BRS MLA Vivekananda Goud) भी इस दौरान मौजूद रहे और उन्होंने अपने तर्क अध्यक्ष के समक्ष रखे, जिन्हें रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने अपने पास मौजूद साक्ष्य भी सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए। विधानसभा अध्यक्ष ने सुनवाई को स्थगित करते हुए कडियम श्रीहरि को इस माह की 19 तारीख को, नगर पालिका चुनावों के बाद, पुनः उपस्थित होने का निर्देश दिया।

18 फरवरी को निर्धारित सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश

इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने खैरताबाद विधायक दानम नागेंद्र को 18 फरवरी को निर्धारित सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। बताया जा रहा है कि दोनों मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद ही अध्यक्ष अयोग्यता याचिकाओं पर कोई निर्णय लेंगे। विशेषकर दानम नागेंद्र के मामले में अध्यक्ष के फैसले पर राजनीतिक हलकों की कड़ी नजर बनी हुई है। इस बीच कडियम श्रीहरि की सुनवाई के बाद विवेकानंद गौड़ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि श्रीहरि का बीआरएस के प्रति निष्ठा जताते हुए कांग्रेस पार्टी के लिए काम करना अनुचित है।

‘नैतिकता का उपदेश देना बंद करें’

उन्होंने मांग की कि कडियम श्रीहरि ‘नैतिकता का उपदेश देना बंद करें’ और विधानसभा अध्यक्ष के सामने यह स्वीकार करें कि वे कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। विवेकानंद गौड़ ने आरोप लगाया कि कडियम श्रीहरि दिल्ली जाकर वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए और जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने सुनवाई प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी नाराज़गी जताई और आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष विधायकों को अयोग्यता से बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

विधानसभा के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?

वर्तमान में तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार हैं। वे विधानसभा की कार्यवाही का संचालन करते हैं और सदन में नियमों के पालन को सुनिश्चित करते हैं। अध्यक्ष का दायित्व होता है कि चर्चा निष्पक्ष और अनुशासित ढंग से चले तथा लोकतांत्रिक मर्यादाएँ बनी रहें।

विधानसभा अध्यक्ष कौन होता है?

संवैधानिक रूप से विधानसभा अध्यक्ष वह निर्वाचित सदस्य होता है, जिसे सदन के सदस्य अपने बीच से चुनते हैं। अध्यक्ष विधानसभा की बैठकों की अध्यक्षता करता है, नियमों की व्याख्या करता है और विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय देता है। वह सदन का सर्वोच्च अधिकारी माना जाता है और सामान्यतः निष्पक्ष भूमिका निभाता है।

भारत में वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष कौन है?

वास्तव में भारत में कोई एक राष्ट्रीय विधानसभा अध्यक्ष नहीं होता। हर राज्य की अपनी अलग विधानसभा होती है और प्रत्येक विधानसभा का अलग अध्यक्ष होता है। इसलिए “भारत का विधानसभा अध्यक्ष” कहना तकनीकी रूप से सही नहीं है, बल्कि किसी विशेष राज्य का अध्यक्ष बताया जाता है।

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