मुख्यमंत्री के वर्तमान जिला दौरे चुनावी प्रचार के समान – कविता
हैदराबाद। तेलंगाना जागृति की संस्थापक अध्यक्ष के. कविता (K. Kavita) ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) में शिकायत दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Ravanth Reddy) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री आगामी ग्राम पंचायत चुनावों के लिए सार्वजनिक धन का इस्तेमाल कर रहे हैं। कविता ने राज्य निर्वाचन आयुक्त रानी कुमुदिनी से मुलाकात कर इस बात के प्रमाण सौंपे कि मुख्यमंत्री के वर्तमान जिला दौरे चुनावी प्रचार के समान हैं।
अपने दल के लिए सरपंच चुनावों में वोट मांग रहे
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद से ही इन दौरों का विरोध किया है। कविता ने मुख्यमंत्री पर यह भी आरोप लगाया कि वे शहरी क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित कर अपने दल के लिए सरपंच चुनावों में वोट मांग रहे हैं और कहा कि एसईसी को या तो उनके दौरे सीमित करने चाहिए या पूरी तरह रोक देना चाहिए।
मुख्यमंत्री के हालिया कई बयान करते हैं एमसीसी का उल्लंघन
उन्होंने कहा कि आयोग ने पहले ही आश्वासन दिया था कि सरकार को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी) का पालन करने का निर्देश दिया जाएगा। कविता ने बताया कि मुख्यमंत्री के हालिया कई बयान एमसीसी का उल्लंघन करते हैं और उनकी प्रतिलिपियाँ आयोग को सौंप दी गई हैं। उन्होंने कहा कि जबकि इस बार नगरपालिकाओं को कोड से छूट दी गई है, लेकिन जिला स्तर की गतिविधियाँ रोकना आवश्यक है ताकि मुक्त और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।
तेलंगाना के प्रसिद्ध कवि कौन है?
प्रसिद्ध कवियों में दशन, पोटोला कृष्णा, कोंडापल्ली नानाचार्य, कवि दाशरत्थी कृष्णमाचार्य और कवीश्वर श्रीशैलेश्वर प्रमुख हैं। इन्होंने तेलुगु साहित्य, लोककला और सामाजिक मुद्दों को अपनी कविताओं में स्थान दिया। इनकी रचनाएँ तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती हैं।
तेलंगाना की पहली सरकार कौन थी?
राज्य बनने के बाद पहली सरकार 2014 में बनी थी, जिसका नेतृत्व के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने किया। उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) की ओर से मुख्यमंत्री पद संभाला। यह सरकार राज्य निर्माण के बाद विकास, सिंचाई, रोजगार और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने के लिए जानी जाती है।
तेलंगाना राज्य की घोषणा कब हुई थी?
राज्य की आधिकारिक घोषणा 2 जून 2014 को हुई थी। यह भारत का 29वाँ राज्य बना। लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने अलग राज्य का गठन स्वीकार किया। इसी दिन राज्य का गठन, पहली सरकार का शपथ ग्रहण और तेलंगाना की नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू हुई।
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