BRS meeting : बीआरएस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने एक बार फिर राजनीतिक रूप से बड़ा फैसला लिया है। लंबे समय बाद केसीआर सक्रिय राजनीति में लौटते नजर आ रहे हैं। 19 दिसंबर को बीआरएस विधायक दल (बीआरएसएलपी) और पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक हैदराबाद स्थित तेलंगाना भवन में दोपहर 2 बजे से होगी।
बैठक में मुख्य रूप से कृष्णा–गोदावरी जल विवाद, तथा बीआरएस के दस साल के शासनकाल में शुरू की गई सिंचाई परियोजनाओं पर मौजूदा कांग्रेस सरकार की कथित लापरवाही पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, केसीआर ने पार्टी नेताओं से कहा है कि तेलंगाना के जल अधिकारों के लिए एक बार फिर जन आंदोलन की जरूरत पड़ सकती है।
Read also : Breaking News: IndiGo: इंडिगो संकट में टाटा की रणनीति
पालमूरु–रंगारेड्डी लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट को लेकर भी (BRS meeting) केसीआर ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बीआरएस सरकार ने जहां 91 टीएमसी पानी तय किया था, वहीं कांग्रेस सरकार ने इसे घटाकर 45 टीएमसी कर दिया और केंद्र के सामने झुक गई। उन्होंने तेलंगाना से चुने गए 8 भाजपा सांसदों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
केसीआर का मानना है कि अगर बीआरएस सरकार सत्ता में होती, तो अब तक पालमूरु परियोजना से किसानों को पानी मिल रहा होता। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और भाजपा की नीतियों के खिलाफ संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है। इन सभी मुद्दों पर विस्तृत रणनीति बनाने के लिए 19 दिसंबर की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :