हैदराबाद। हैदराबाद स्थित तेलंगाना भवन में रविवार को संत सेवालाल महाराज जयंती समारोह (Sant Sewalal Maharaj Birth Anniversary Celebration) आयोजित किया गया। भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और संत सेवालाल के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर केटीआर ने कहा कि उन्हें सेवालाल जयंती मनाकर प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने जनजातीय समाज के आत्मसम्मान की रक्षा करते हुए उनके साथ न्याय किया। उन्होंने बताया कि के. चंद्रशेखर राव ने लंबाडा तांडों को ग्राम पंचायतों में परिवर्तित किया और उनके लाभ के लिए 3,146 नई ग्राम पंचायतों का गठन किया गया। उन्होंने कहा कि इन गांवों में अब 3,146 जनजातीय बच्चे सरपंच बने हैं।
प्रत्येक घर तक पहुंचाई गई पेयजल सुविधा
उन्होंने कहा कि जनजातीय तांडों में प्रत्येक घर तक पेयजल सुविधा पहुंचाई गई। जनजातीय किसानों को पोडू भूमि के पट्टे प्रदान किए गए और एक ही दिन में साढ़े चार लाख एकड़ भूमि उनके नाम की गई। उन्होंने बताया कि जनजातीय बच्चों की शिक्षा के लिए सैकड़ों गुरुकुल विद्यालय स्थापित किए गए। केटीआर ने स्पष्ट किया कि जनजातीय युवाओं के लिए रोजगार में आरक्षण बढ़ाने का कार्य भी के. चंद्रशेखर राव ने ही किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय उद्यमियों के लिए विशेष उद्यमिता कार्यक्रम शुरू किया गया और शासनकाल के दौरान लाखों रुपये की सरकारी सब्सिडी दी गई।
विदेश शिक्षा के लिए छात्रवृत्तियां
उन्होंने बताया कि बंजारा बच्चों को विदेश शिक्षा के लिए छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। प्रत्येक जिले में बंजारा भवनों के लिए भूमि आवंटित कर भवनों का निर्माण कराया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में वे बंजारा समाज के साथ और मजबूती से खड़े रहेंगे। केटीआर ने केंद्र और राज्य सरकारों पर सिंगरेनी कंपनी को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिंगरेनी को बचाने के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे।
सेवालाल महाराज की कितनी जयंती है?
Sant Sevalal Maharaj की जयंती हर वर्ष मनाई जाती है। वर्ष 2025 में उनकी 286वीं जयंती मनाई गई। उनका जन्म लगभग वर्ष 1739 के आसपास माना जाता है। बंजारा समाज में उन्हें महान संत, समाज सुधारक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में सम्मान दिया जाता है।
सेवालाल जयंती कब मनाई जाती है?
यह पर्व हर साल 15 फरवरी को मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बंजारा समुदाय शोभायात्रा, पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि देता है।
संत सेवालाल महाराज की कहानी क्या है?
Sant Sevalal Maharaj बंजारा समाज के आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज में एकता, नैतिकता और सादगी का संदेश दिया। कहा जाता है कि उन्होंने अंधविश्वास और कुरीतियों का विरोध किया तथा लोगों को धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनकी शिक्षाएँ आज भी बंजारा समाज में मार्गदर्शन का आधार मानी जाती हैं।
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