हैदराबाद। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (KTR) 6 जून 2026 को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित होने वाले तेलंगाना गठन दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम बीआरएस मलेशिया इकाई की ओर से मेट्रेड एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें तेलंगाना और तेलुगु समुदाय के बड़ी संख्या में प्रवासी लोगों के शामिल होने की संभावना है। बीआरएस (BRS) एनआरआई ग्लोबल कोऑर्डिनेटर महेश बिगाला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केटीआर से मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
समारोह में शामिल होने की पुष्टि
प्रतिनिधिमंडल में बीआरएस मलेशिया के प्रतिनिधि मारुति कुर्मा, चिट्टी बाबू, श्रीधर और प्रिया भी शामिल थे। केटीआर ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए समारोह में शामिल होने की पुष्टि की। इस अवसर पर बीआरएस नेता एल. रमणा और जी. किशोर भी उपस्थित रहे। बीआरएस मलेशिया के नेताओं ने बताया कि तेलंगाना गठन दिवस समारोह को भव्य रूप से आयोजित करने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मलेशिया में रह रहे तेलंगाना समुदाय को एक मंच पर लाकर उत्साह और गौरव के साथ राज्य स्थापना दिवस मनाया जाएगा।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
जनगणना 2011 के अनुसार तेलंगाना में हिंदू आबादी लगभग 85 प्रतिशत के आसपास मानी जाती है। यह राज्य धार्मिक विविधता वाला क्षेत्र है, जहां हिंदुओं के साथ मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदाय भी रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हिंदू आबादी अधिक है, जबकि शहरी क्षेत्रों में मिश्रित जनसंख्या पाई जाती है। यहां बथुकम्मा, बोनालू और दशहरा जैसे त्योहार बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से “त्रिलिंग देशम” या “त्रिलिंग प्रदेश” के नाम से भी जाना जाता है। यह नाम प्राचीन काल के तीन प्रमुख शिव मंदिरों से जुड़ा माना जाता है। इसके अलावा इसे तेलुगु भाषा और संस्कृति का प्रमुख क्षेत्र होने के कारण “तेलुगु भूमि” भी कहा जाता है। यह राज्य 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर बना था। इसकी राजधानी हैदराबाद है, जो आईटी और व्यापार का बड़ा केंद्र है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
मुख्य भोजन चावल आधारित होता है, जिसमें चावल रोजमर्रा के खाने का प्रमुख हिस्सा है। यहां हैदराबादी बिरयानी, पच्ची पुलुसु, साकिनालु और सरवा पिंडी जैसे व्यंजन काफी लोकप्रिय हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्वार और बाजरे से बने भोजन भी अधिक खाए जाते हैं। यहां का खाना मसालेदार और स्वादिष्ट माना जाता है। त्योहारों पर विशेष पकवान बनाए जाते हैं, जो स्थानीय परंपरा और दक्कनी संस्कृति को दर्शाते हैं।
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