सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर राज्य सरकार की सराहना
हैदराबाद। राज्य सचिवालय में अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव (Chief Secretary K. Ramakrishna Rao) ने की। इस अवसर पर भारत सरकार की सचिव सुकृति लेखी भी उपस्थित रहीं। बैठक के दौरान भारत सरकार के अधिकारियों ने फेज–I में अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन (Deregulation) सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार फेज–II में भी इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ उल्लेखनीय सफलता हासिल करेगी। अधिकारियों ने बताया कि फेज–II के तहत कुल 23 प्राथमिक क्षेत्र और 5 वैकल्पिक प्राथमिक क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इनका उद्देश्य प्रक्रियाओं को और सरल बनाना तथा ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बेहतर करना है।

निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध
मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने भारत सरकार की सचिव को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निर्धारित लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक विधायी संशोधनों को आगामी बजट सत्र में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में राज्य सरकार की नियामक सुधारों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने और सुशासन तंत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया, ताकि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास को गति दी जा सके। बैठक में एमए एंड यूडी एवं वाईएटी एंड सी के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन, सिंचाई एवं कमांड क्षेत्र विकास के विशेष मुख्य सचिव संजय कुमार, वन विभाग के प्रधान सचिव अहमद नदीम, राजस्व सचिव लोकेश कुमार, एमएयूडी सचिव टी.के. श्रीदेवी, राजस्व (सीटी एवं आबकारी)सचिव रघुनंदन राव, कृषि सचिव सुरेन्द्र मोहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वर्तमान में मुख्य सचिव कौन है?
वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह हैं। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के सर्वोच्च अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं। मुख्य सचिव राज्य सरकार और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाता है।
यूपी 2025 के मुख्य सचिव कौन है?
आधिकारिक तौर पर वर्ष 2025 में भी उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ही हैं। वे राज्य की नौकरशाही के प्रमुख होते हैं और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रशासनिक सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं। नीति क्रियान्वयन और शासन व्यवस्था को सुचारू बनाना उनकी मुख्य जिम्मेदारी होती है।
भारत के मुख्य सचिव कौन हैं 2025 में?
संवैधानिक रूप से भारत में मुख्य सचिव का पद नहीं होता। देश स्तर पर इसके समकक्ष पद को कैबिनेट सचिव कहा जाता है, जो केंद्र सरकार का सर्वोच्च नौकरशाह होता है। कैबिनेट सचिव केंद्र के सभी मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय का कार्य करता है।
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