हैदराबाद। रंगारेड्डी जिला अतिरिक्त कलेक्टर (स्थानीय निकाय) श्रीनिवास (Srinivas) ने कहा कि किसानों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पर्याप्त और समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि वर्ष 2026-27 के लिए तय किए जाने वाले वित्त के पैमाने में पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाए, विशेष रूप से धान, कपास, मक्का तथा अन्य नकदी फसलों के लिए। अतिरिक्त कलेक्टर (Additional Collector) मंगलवार को हैदराबाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक लिमिटेड के तत्वावधान में एकीकृत जिला कार्यालय परिसर के सम्मेलन कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक में बोल रहे थे।
विभिन्न मुद्दों पर रखे अपने-अपने सुझाव
बैठक में रंगारेड्डी, मेडचल और विकाराबाद जिलों के लिए वर्ष 2026-27 के वित्तीय पैमाने को अंतिम रूप दिया गया। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों के लिए वित्तपोषण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने-अपने सुझाव रखे। किसानों को ऋण उपलब्ध कराने से संबंधित सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के सीईओ भास्कर सुब्रमण्यम, महाप्रबंधक प्रभाकर रेड्डी, नाबार्ड के डीडीएम, रंगारेड्डी जिले के एलडीएम सुशील कुमार, जिला कृषि अधिकारी उषा, जिला बागवानी अधिकारी सुरेश सहित मेडचल और विकाराबाद जिलों के कृषि, बागवानी एवं पशुपालन विभागों के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
किसानों को कितने प्रकार के ऋण दिए जाते हैं?
सामान्य रूप से किसानों को तीन प्रमुख प्रकार के ऋण दिए जाते हैं। इनमें अल्पकालीन ऋण फसल उत्पादन के लिए, मध्यम अवधि का ऋण कृषि उपकरण व पशुपालन के लिए और दीर्घकालीन ऋण भूमि विकास, सिंचाई तथा बड़े निवेश कार्यों के लिए दिया जाता है।
किसान कर्ज माफी लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें 2025?
राज्य सरकार की आधिकारिक कृषि या सहकारिता वेबसाइट पर जाकर सूची देखी जा सकती है। आधार नंबर, किसान आईडी या बैंक खाता विवरण डालकर स्थिति जांची जाती है। इसके अलावा नजदीकी बैंक, पंचायत कार्यालय या कृषि सेवा केंद्र से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
कृषि ऋण कितने प्रकार के होते हैं?
मुख्य रूप से कृषि ऋण अल्पकालीन, मध्यम अवधि और दीर्घकालीन होते हैं। अल्पकालीन ऋण बीज, खाद और खेती के खर्च के लिए, मध्यम अवधि का ऋण उपकरण व पशुधन के लिए तथा दीर्घकालीन ऋण सिंचाई, भूमि सुधार और स्थायी कृषि निवेश के लिए लिया जाता है।
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