हैदराबाद। पिता के डराने-धमकाने (bullying) के कारण घर से भाग गई बहनें (21 और 14 वर्ष) जीडीमेटला पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित रूप से अपने माता-पिता के पास लौट गईं। इंस्पेक्टर गड्डम मल्लेश के अनुसार, रात लगभग एक बजे परिवार ने पुलिस को सूचना दी कि दोनों लड़कियां घर से गायब हैं। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर तकनीकी सबूतों और आरटीसी बस (RTC Bus) विवरण के आधार पर तलाश शुरू की। विजयवाड़ा के पास दोनों लड़कियों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित रूप से उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। लड़कियों को सुरक्षित घर वापस लाने पर उनके परिवार ने जीडीमेटला पुलिस की तत्परता और प्रयासों की सराहना की।
खोई हुई चीज का पता कैसे करें?
किसी वस्तु के गुम हो जाने पर सबसे पहले शांत रहना जरूरी है। आखिरी बार वह कहाँ और कब देखी थी, इसे याद करने की कोशिश करें। घर या स्थान के उन हिस्सों को व्यवस्थित ढंग से दोबारा देखें जहाँ अक्सर सामान रखा जाता है। आसपास के लोगों से पूछताछ करें और जरूरत हो तो संबंधित जगह पर सूचना दें। महत्वपूर्ण वस्तु हो तो पुलिस में रिपोर्ट या गुमशुदगी दर्ज कराना भी उचित कदम हो सकता है।
खोई हुई दिशाएं किसकी कहानी है?
यह प्रसिद्ध हिंदी लेखक कमलेश्वर की कहानी है। इसमें आधुनिक जीवन की उलझनों, रिश्तों में बढ़ती दूरी और मनुष्य की मानसिक स्थिति को दर्शाया गया है। कहानी का मुख्य पात्र महानगरीय जीवन में अपने अस्तित्व और संबंधों को समझने की कोशिश करता है। बदलते सामाजिक मूल्यों और दिशाहीनता की भावना को लेखक ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
मृगशिरा नक्षत्र में खोई हुई वस्तु कहाँ होती है?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस नक्षत्र में खोई वस्तु अक्सर घर के अंदर ही किसी छिपे स्थान, अलमारी, दराज या कपड़ों के बीच मिल सकती है। कई लोग मानते हैं कि यह वस्तु उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखी हो सकती है। हालांकि ये मान्यताएँ पारंपरिक विश्वासों पर आधारित हैं, इसलिए व्यावहारिक रूप से आसपास के स्थानों की सावधानी से तलाश करना ही सबसे उचित तरीका माना जाता है।
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